दिल्ली सरकार में वित्त विभाग संभाल रहे उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि केंद्र सरकार दिल्ली के साथ लगातार धोखा कर रही है।
2001-02 में दिल्ली बजट 8739 करोड़ रुपये का था तब 325 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी केंद्रीय करों में मिलती थी।
अब बजट 46000 करोड़ रुपये का है। इसे बढ़ाने के लिए पत्र लिखे और बजट पूर्व बैठक में भी मांग रखी थी।
14वें वित्त आयोग के आधार पर प्रति व्यक्ति 488 रुपये के हिसाब से 4087 करोड़ रुपये की मांग स्थानीय निकाय के लिए की थी लेकिन केंद्र सरकार ने एमसीडी की बदहाली के बावजूद कोई सहायता नहीं दी।
आपदा प्रबंधन के लिए सिर्फ 5 करोड़ रुपये का फंड रखा गया है।