सत्ताधारी दल के एक सांसद की शिकायत पर संसद से पुलिस मुख्यालय पहुंची एक चिट्ठी से दिल्ली पुलिस मुख्यालय में अफरातफरी मच गई। पत्र से पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा इतने नाराज हुए कि उन्होंने घटना के लिए कथित रूप से जिम्मेदार ठहराए गए दो आईपीएस अधिकारियों का रातोंरात तबादला कर दिया। दिल्ली पुलिस मुख्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार बजट सत्र के दौरान संसद के अंदर काफी गाड़ियां घुस गई। गाड़ियां संसद के मुख्य प्रवेश द्वार मक्कड़ के सामने खड़ी की गई थीं। ऐसे में वहां काफी गाड़ियां पार्क हो गईं। हालांकि, दिल्ली पुलिस को संसद के अंदर जाने की अनुमति नहीं हैं। वरिष्ठ सूत्रों ने बताया कि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के जवान अंदर घुस गए थे। मुख्य द्वार पर भारी संख्या में कारों के पार्क होने से सांसद व मंत्रियों को काफी परेशानी हो रही थी। इसकी एक सांसद ने शिकायत कर दी थी। इसके बाद बवाल खड़ा हो गया था। सांसद ने चिट्टी लिखकर शिकायत की थी।
शुरू में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को जांच से बाहर कर दिया गया, क्योंकि दिल्ली पुलिस संसद के अंदर नहीं जा सकती। मगर बाद में पता लगा कि ट्रैफिक पुलिस संसद के अंदर गई थी। घूमते-घूमते चिट्ठी कुछ समय पहले पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा के पास पहुंच गई। इसे पढ़कर पुलिस आयुक्त आगबबूला हो गए। उन्होंने ट्रैफिक पुलिस के नई दिल्ली रेंज के पुलिस उपायुक्त प्रशांत गौतम और जोन-एक के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त सत्या सुंदरम का रातोंरात तबादला कर दिया।
उपायुक्त प्रशांत गौतम को ट्रैफिक पुलिस की नार्दन रेंज और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त सत्यासुंदम को जोन-2 से हटाकर जोन-1 में लगा दिया गया। इनके साथ ट्रैफिक पुलिस के कुछ और अफसरों का तबादला किया गया। इन अफसरों का रातोंरात तबादला होने पर पुलिस महकमे में चर्चा शुरू हो गई थी। कुछ पहले समय ही तबादला का कारण पता लगा। हालांकि पुलिस उपायुक्त प्रशांत गौतम नई दिल्ली व दक्षिण-पश्चिमी जिले को ठीक से चला रहे थे। दिल्ली पुलिस मुख्यालय में चर्चा है कि पुलिस उपायुक्तों की तबादला सूची जल्दी आने वाली है। कई जिलों के पुलिस उपायुक्त बदले जाने की पूरी संभावना है।