हनुमान जी को दलित बताए जाने के बाद आज दिल्ली में दलितों ने कश्मीरी गेट स्थित हनुमान मंदिर पहुंचकर अपना दावा पेश किया।
उन्होंने कहा कि अगर हनुमान जी दलित हैं तो मंदिर भी हमारा हुआ। उनका कहना था कि सदियों से हिंदुत्व का हवाला देते हुए सभी हिंदूवादी पुजारियों ने सभी मंदिरों और मठों पर अपना स्थापत्य कायम रखा है और दलित सिर्फ मंदिरों में दान ही करता रहा है। और अब सीएम योगी के इस बयान से दलितों को भी मौका मिला है कि वह मंदिरों में पुजारी बनकर जन सेवा करेंगे और आने वाले भविष्य की जानकारी भक्तों को देंगे।