बाहरी-उत्तरी जिला के नरेला इलाके में नौ सितंबर को लूटपाट के दौरान युवक चरणजीत सिंह (28) की हत्या व उसके साथी खुशवीर सिंह उर्फ लवली को घायल करने की गुत्थी को स्पेशल स्टाफ ने सुलझा लिया है। पुलिस ने इस संबंध में चार आरोपियों को दबोचा है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान दिल्ली निवासी हरिंद्र चौधरी, इसका कर्मचारी खुशबीर सिंह उर्फ लवली, जीतू शर्मा और गांव पीपली, पिशवा, खैर, अलीगढ़ निवासी भूरा सिंह उर्फ कुणाल के रूप में हुई है।
दरअसल चरणजीत सिंह हरिंद्र चौधरी की शेयर ट्रेडिंग कंपनी में नौकरी करता था। उसकी कंपनी में रहकर उसने काफी तरक्की की। इसके बाद वह कंपनी के बाहर के ग्राहकों से मोटी रकम कमाने लगा। हरिंद्र चौधरी ने चरणजीत से इसमें अपना हिस्सा मांगा तो उसने मना कर दिया। इसी बात पर हरिंद्र ने अपने दूसरे कर्मचारी खुशबीर सिंह के साथ मिलकर दोस्त जीतू व उसके साथी भूरा सिंह की मदद से चरणजीत की हत्या करवा दी। वारदात को असली साबित करने के लिए खुशवीर को भी जख्मी कर दिया गया। बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त रविं कुमार सिंह ने बताया कि नरेला इलाके में नौ सितंबर को रोहिणी निवासी चरणजीत सिंह की लूटपाट के दौरान चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई जबकि उसके साथी खुशवीर को चाकू मारकर जख्मी कर दिया गया।