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Delhi Coaching Center Flooding: कौन है जिम्मेदार? उपराज्यपाल पर फूटा छात्रों का गुस्सा, रखीं अपनी मांगें

Tue, 30 Jul 2024 04:21 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

Rau's IAS Study Circle Flooding: राजेंद्र नगर में हुए हादसे का जायजा लेने पहुंचे दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना पर छात्रों का गुस्सा फूटा। उन्हें देखते ही छात्रों ने नारेबाजी शुरू कर दी। उपराज्यपाल ने छात्रों की बातें सुनीं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया। 
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राव आईएएस कोचिंग सेंटर हादसा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राव आईएएस कोचिंग सेंटर में हुए हादसे के मामले में पुलिस ने चार भवन मालिकों समेत पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, दिल्ली नगर निगम ने एक कनिष्ठ अभियंता (जेई) को बर्खास्त कर दिया और एक सहायक अभियंता (एई) को निलंबित किया है, जबकि अधिशासी अभियंता को कारण बताओ नोटिस थमाया है। वहीं, उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने सोमवार को घटनास्थल का दौरा किया। इस दौरान उन्हें छात्रों के विरोध का सामना करना पड़ा। बाद में उपराज्यपाल ने छात्रों की बातें सुनीं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया। 

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ओल्ड राजेंद्र नगर में सोमवार को निगम का बुलडोजर भी गरजा और राव कोचिंग सेंटर के पास नाले से कब्जे हटाए गए। हादसे की गूंज संसद से लेकर सड़क तक सुनाई दी। संसद में सभी दलों ने हादसे की जांच की मांग की, वहीं पश्चिम दिल्ली में कोचिंग सेंटर के बाहर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया।

दिल्ली मध्य जिला के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) एम हर्षवर्धन ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में से चार उस भवन के मालिक हैं, जिसमें कोचिंग सेंटर चल रहा था। इनकी पहचान करोल बाग निवासी सरबजीत सिंह, तेजिंदर सिंह, हरविंदर सिंह और परविंदर सिंह के रूप में हुई है, जो चचेरे भाई हैं। इन्होंने राव स्टडी सेंटर को इमारत किराये पर दी थी। पांचवां व्यक्ति एसयूवी गाड़ी का चालक मनोज कटारिया है। कटारिया पर आरोप है कि जलभराव के दौरान उसने तेजी से गाड़ी निकाली, जिससे स्टडी सेंटर का गेट टूट गया और बेसमेंट में पानी भरता चला गया। उसकी गिरफ्तारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर हुई। अदालत ने पांचाें आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। कोचिंग सेंटर के मालिक व संचालक को पहले ही गिरफ्तार हैं। सभी की जमानत याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होगी।

दृष्टि, वाजी राव, रवि और श्रीराम कोचिंग के तहखाने सील
हादसे के बाद जागे नगर निगम ने सोमवार को बेसमेंट में चल रहे सात कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया। इनमें दृष्टि आईएएस इंस्टीट्यूट की एक, वाजी राव की तीन, रवि संस्थान की एक, आईएएस हब की एक और श्रीराम आईएएस इंस्टीट्यूट की एक बिल्डिंग शामिल है। निगम ने राजेंद्र नगर में  कोचिंग सेंटराें के बाहर बुलडोजर से अतिक्रमण भी हटाए। इसके अलावा, निगम ने शाहदरा साउथ जोन में कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया। वहां 16 बिल्डिंग को चिह्नित किया है। एमसीडी इनके खिलाफ मंगलवार को कार्रवाई करेगी। रविवार को 13 कोचिंग सेंटर सील किए गए थे।

गृह मंत्रालय ने गठित की जांच समिति
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कोचिंग सेंटर हादसे की जांच के लिए समिति गठित की है। समिति 30 दिन में अपनी रिपोर्ट देगी। साथ ही, ऐसे हादसों को रोकने के उपाय भी सुझाएगी। समिति में मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव, दिल्ली सरकार के प्रधान सचिव (गृह), दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस कमिश्नर, फायर सलाहकार शामिल हैं। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव इसके संयोजक होंगे। उपराज्यपाल ने हर मृतक के परिजनों के लिए 10-10 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है।

इन अधिकारियों पर गाज
नगर निगम के आयुक्त अिश्वनी कुमार ने ओल्ड राजेंद्र नगर के कनिष्ठ अभियंता विनय मित्तल को बर्खास्त और सहायक अभियंता विश्राम मीणा को निलंबित कर दिया है। अनुबंध पर कार्यरत मित्तल पर यह कार्रवाई नालों की सफाई नहीं करने पर की गई है। आयुक्त ने अधिशासी अभियंता से स्पष्टीकरण मांगा है।

दोषियों को नहीं बख्शेंगे : डीसीपी 
पुलिस ने निगम अधिकारियों को नोटिस भेजकर पूछा है कि हादसे के लिए कौन अधिकारी जिम्मेदार है। डीसीपी हर्षवर्धन ने कहा कि दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने स्टडी सेंटर से जुड़े कागजात भी मांगे हैं। अफसरों की भूमिका की जांच की जा रही है। 

हरकत में आया प्रशासन, कोचिंग संस्थान और लाइब्रेरी हो रहीं बंद
प्रशासन के हरकत में आते ही कोचिंग संस्थानों और निजी लाइब्रेरी चलाने वालों में हड़कंप मच गया है। राजेंद्र नगर में तीन छात्रों की मौत के बाद उग्र हुए छात्रों को भी डर सता रहा है। ऐसे में ज्यादातर लाइब्रेरी और कोचिंग संस्थानों ने छात्रों को अस्थायी तौर पर संस्थान बंद रखने और ऑनलाइन पढ़ाई करने का मैसेज मोबाइल पर भेज दिया है। हालांकि इसमें छात्रों की परेशानी यह भी है कि जिसने हाईब्रिड कोर्स नहीं लिया है उन्हें ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा भी नहीं मिलेगी। राजेंद्र नगर हादसे के पहले शासन-प्रशासन से साठगांठ कर नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले कोचिंग संस्थान और निजी लाइब्रेरी चलाने वालों को नियम-कायदा अब समझ में आने लगा है। प्रशासन के सख्त होने पर ज्यादातर कोचिंग संस्थानों और चौबीस घंटे लाइब्रेरी चलाने वालों ने खुद से अपना-अपना शटर डाउन कर लिया है। वह अगले आदेश का इंतजार कर रहे हैं। 

उपराज्यपाल पर फूटा छात्रों का गुस्सा
राजेंद्र नगर में हुए हादसे का जायजा लेने पहुंचे दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना पर छात्रों का गुस्सा फूटा। उन्हें देखते ही छात्रों ने नारेबाजी शुरू कर दी। साथ ही मांग रखी कि केवल दौरा करने से कुछ नहीं होगा। अवैध तरीके से चल रहे कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसे हादसों के लिए जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

दरअसल, दोपहर करीब डेढ़ बजे उपराज्यपाल वीके सक्सेना दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राव कोचिंग सेंटर पर पहुंचे थे। यहां पहुंचने के बाद वह पहले कोचिंग सेंटर गए। यहां पूरे मामले की जानकारी हासिल की। इसके बाद छात्रों से मिलने के लिए गए। कुछ छात्रों से पूरे मामले की जानकारी ली, तभी छात्रों ने उनके विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। नारेबाजी को देखते हुए उपराज्यपाल मौके से लौट गए।

वहीं, अधिकारी ने बताया कि छात्रों ने एलजी से मुलाकात कर अपनी बात रखी। छात्रों ने बताया कि मृतकों के परिवारों को नैतिक आधार पर राव आईएएस और सरकार की तरफ से तुरंत मुआवजा मिले। पुलिस और प्रशासन इस घटना में जान गंवाने वाले छात्रों की जानकारी छिपाना बंद करें। इस बारे में सही जानकारी दें। सावधानी और सुरक्षा में चूक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। क्षेत्र में ड्रेनेज और बिजली के तारों को तुरंत नए सिरे से लगाया जाए। साथ ही छात्रों ने पूछा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार कौन हैं। विधायक ने निवासियों की शिकायतों, चिंताओं को नजरअंदाज किया गया। मेयर ने शिकायतों को नजरअंदाज किया। कोचिंग सेंटर ने अवैध पुस्तकालय के साथ अवैध निर्माण किया। पुलिस और प्रशासन ने जानकार भी अज्ञान बने रहे। साथ ही भ्रष्टाचार किया।

छात्रों ने रखीं मांगें
  • सभी भवनों व बेसमेंट का हो सुरक्षा ऑडिट
  • लागू हो दिल्ली किराया नियंत्रण कानून, तीन गुना लिया जा रहा है किराया 
  • छात्रों की सुरक्षा व हितों को दें प्राथमिकता
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एलजी ने दिया ये आश्वासन
  • दिलवाया जाएगा तुरंत मुआवजा, पहले ही हो चुकी है 10 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा 
  • एक माह में पूरी होगी जांच, एक सप्ताह में दर्ज होगी चार्जशीट 
  • जल्द लागू होगा नियामक प्रणाली
  • सभी इमारतों का होगा सुरक्षा सर्वे
  • टास्क फोर्स मुखर्जी नगर, कालू सराय, नेब सराय, विजय नगर, आउटरम लाइन, हडसन लेन, गुप्ता कॉलोनी आदि का ऑडिट करेगी और सभी गैरकानूनी बेसमेंट और स्ट्रक्चर्स को सील करेगी।  
  • गैरकानूनी इमारत को ढहाया जाएगा। 
  • एक सप्ताह में साफ होंगे नाले, दूर होगी लटके तारों की समस्या 
  • तय होगा अधिक किराया, फीस और बिजली शुल्क
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