दिल्ली के मुख्यमंत्री और दिल्ली जल बोर्ड के चेयरमैन अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का शिलान्यास किया। इस मौके पर दिल्ली जल बोर्ड के वाइस चेयरमैन दिनेश मोहनिया, मुख्य सचिव विजय देव, दिल्ली जल बोर्ड के सीईओ निखिल कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि, इस वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से रोजाना 47.7 करोड़ लीटर पानी मिलेगा। ये प्लांट 3 साल में बनकर तैयार हो जाएगा। इसको बनाने में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इस प्लांट से दिल्ली के करीब 22 लाख लोगों को रोजाना 24 घंटे पीने का साफ पानी मिलेगा। इससे पुरानी दिल्ली, चांदनी चौक, पहाड़ी धीरज, ईदगाह, सिविल लाइंस, करोलबाग, कमला नगर, मल्कागंज, राजेंद्र नगर, शादीपुर, पटेल नगर, नारायणा, एनडीएमसी के कुछ इलाके और दिल्ली कैंट के लोगों को पीने का साफ पानी मिलेगा। इस वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की कुल लागत 599 करोड़ रुपये है। ये उच्च स्तर के अमोनिया वाले पानी का भी शोधन करेगा।
अरविंद केजरीवाल ने कहा, दिल्ली के हर नागरिक को उसके घर में टोंटी से 24 घंटे पीने का साफ पानी मुहैया कराना हमारा मिशन है। दिल्ली में जब हमने 4.5 साल पहले जिम्मेदारी संभाली तो हमें 70 साल का पूरी तरह से अव्यवस्थित, भ्रष्टाचार से ग्रस्त, शोषण करने वाली व्यवस्था मिली थी। पहले की व्यवस्था लोगों को पानी पिलाने वाली नहीं, बल्कि शोषण करने वाली थी। इस व्यवस्था को हमारे अधिकारियों और इंजीनियरों ने काफी सुधारा है। इसके लिए सभी बधाई के पात्र हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, हमारी सरकार आने से पहले 58 फीसदी दिल्ली को टोंटी से पानी मिलता था। बाकी लोग टैंकर इत्यादि के पानी पर निर्भर थे। हम सब जानते हैं कि दिल्ली के अंदर पानी के टैंकर का कितना बड़ा माफिया था। हम ये भी जानते हैं कि ये टैंकर माफिया राजनीतिक संरक्षण में चलते थे। नेताओं के पानी के टैंकर चलते थे। इस पूरे माफिया तंत्र को हमने खत्म किया। ऐसा इसलिए संभव हो पाया क्योंकि दिल्ली में एक ईमानदार सरकार है। हम लोग अवैध रूप से पानी बेचकर पैसा नहीं कमाते बल्कि हम लोगों को पानी पिलाकर पुण्य कमाते हैं।