मोती नगर इलाके में सोमवार रात गोल्डन बैंक्वेट हॉल में लगी आग में एक कारपेंटर की दम घुटने से मौत हो गई। दूसरा कर्मचारी दूसरी इमारत पर छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। मृतक की शिनाख्त उत्तम नगर निवासी राजेश के रूप में हुई है। वह वहां लकड़ी का काम कर रहा था। दमकल कर्मियों ने करीब 12 घंटे में आग पर काबू पाया। शुरुआती जांच में शाॅर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है।
पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त विचित्र वीर ने बताया कि सोमवार रात पुलिस और दमकल विभाग को मोती नगर के डीएलएफ के पास गोल्डन बैंक्वेट हॉल में आग लगने की जानकारी मिली। फायर स्टेशनों से आधा दर्जन गाड़ियों को मौके पर भेजा गया, लेकिन आग की भयावता को देखते हुए दमकल अधिकारियों ने आग को मध्यम दर्जे का घोषित कर डेढ़ दर्जन गाड़ियों को मौके पर बुला लिया।
पता चला कि घटना के समय वहां कोई कार्यक्रम नहीं हो रहा था। बैंक्वेट हॉल में एक कारपेंटर काम कर रहा था। आग भूतल से शुरू होकर ऊपर की मंजिल में फैल गई। आग लगते ही विपिन नाम का कर्मचारी बैंक्वेट हॉल के पड़ोस की दूसरी इमारत पर छलांग लगाकर अपनी जान बचाई।
लोगों ने कारपेंटर राजेश के अंदर फंसे होने की आशंका जताई। दमकल कर्मियों ने ब्रांटो क्रेन वाली गाड़ी की मदद से आग बुझाने के साथ-साथ अंदर फंसे राजेश की तलाश शुरू की। राजेश एक खाली जगह पर अचेत मिला। वह झुलसा नहीं था, लेकिन धुएं की चपेट में आने से अचेत हो गया था। उसे बाहर निकालकर पास के अस्पताल में लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जांच में पता चला कि राजेश कारपेंटर का काम करता था और सोमवार सुबह वह बैंक्वेट हॉल में लकड़ी का काम करने आया था।
दमकल विभाग के निदेशक अतुल गर्ग ने बताया कि दमकल कर्मियों ने 24 गाड़ियोें की मदद से करीब 12 घंटे के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया। शुरुआती जांच में शार्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने के कारणों का सही खुलासा हो पाएगा।