भाजपा ने सोशल मीडिया पर भी कई वीडियो डालकर मुख्यमंत्री को आड़े हाथ लिया और कहा कि देखें एक पढ़े-लिखे मुख्यमंत्री किस तरह से घोटाले में लिप्त हैं और झूठ बोलकर दिल्ली वालों को गुमराह करते हैं। एक वीडियो भी ट्वीट किया गया है जिसमें मुख्यमंत्री केजरीवाल अन्ना हजारे के बारे में कह रहे हैं कि फॉर्मल एजुकेशन नहीं है, लेकिन प्रतिभावान हैं। यह भी कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री बनने के लिए पढ़े-लिखे होने की जरूरत नहीं है। कम शिक्षा प्राप्त व्यक्ति भी प्रतिभावान होता है।
प्रदेश भाजपा प्रभारी बैजयंत जय पांडा ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री तेजी से अपना रंग बदलते हैं। सरकारी सिस्टम की यह स्थापित व्यवस्था है कि किसी भी फाइल पर मंत्री, मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री के हस्ताक्षर से पहले संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी टिप्पणी दर्ज करते हैं, लेकिन देश के प्रधानमंत्री के बारे में अपने बयान से केजरीवाल ने इस आरोप की पुष्टि कर दी है कि दिल्ली में माफिया, ठेकेदार और घोटालेबाज सीधे मंत्री और मुख्यमंत्री से फाइल पर साइन करवाते हैं।
दिल्ली सरकार का आबकारी नीति घोटाला इसका ज्वलंत उदाहरण है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि पढ़े-लिखे मुख्यमंत्री ने दिल्ली वालों को शराब दी है। साथ ही, ऐसी शिक्षा दी है कि बच्चे स्कूल में पास तक नहीं हो रहे हैं, उनका आज हर विभाग भ्रष्टाचार लिप्त है। ट्रांस्पोर्ट, शिक्षा, स्वास्थ्य समेत सभी विभाग जांच के दायरे में हैं। फिर भी वे झूठ बोलने से बाज नहीं आ रहे हैं।