दिल्ली विधानसभा में आज भी बीते दिनों की तरह हंगामा हुआ। इस बीच भारतीय जनता पार्टी दिल्ली सरकार के खिलाफ सदन में अविश्वास प्रस्ताव ले आई। हालांकि उसके पास उचित संख्या न होने के चलते उसे प्रस्ताव वापस लेना पड़ा। इसके बाद सदन में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल विश्वास प्रस्ताव ले आए।
दिल्ली विधानसभा में मुख्यमंत्री की ओर से विश्वास प्रस्ताव पेश किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि, विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लेकर आया था मगर उसे स्वीकार कराने के लिए 20 परसेंट विधायकों के हस्ताक्षर की आवश्यकता थी। मगर उसके पास 11 परसेंट ही विधायक हैं, इसलिए सदन उनका प्रस्ताव स्वीकार नहीं कर सकता था। लिहाजा उन्होंने विपक्ष की मंशा पूरी करने के लिए विश्वास प्रस्ताव लाने का निर्णय लिया जिसे ध्वनि मत से पास कर दिया गया।
विश्वास प्रस्ताव पेश करते हुए क्या बोले सीएम
भाजपा के अविश्वास प्रस्ताव लाने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सदन में विश्वास प्रस्ताव पेश किया और सदस्यों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, सदन में हमारे 62 MLA हैं, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के अलावा, राजेश गुप्ता प्रकाश जरवाल और रोहित मेहरौलिया बाहर हैं। एक अध्यक्ष हैं, इसके अलावा सभी 56 विधायक हमारे यहां मौजूद हैं।
केजरीवाल ने आगे कहा, ऐसे समय में जब भाजपा की केंद्र सरकार ने देश में जनतंत्र को कुचलने में कोई कसर नहीं छोड़ी, ऐसे में आज सदन की घटना महत्वपूर्ण है। भाजपा ने अविश्वास प्रस्ताव दिया था, लोगों को लगा कि ऐसे में कैसे लाएंगे जबकि आठ ही विधायक हैं और 14 जरूरी होते हैं, तब उन्होंने कहा था कि छह की व्यवस्था हो गई है। तब मैंने अपने सभी विधायकों से बात की, सबने कहा कि धमकियां आ रही हैं।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, इन्हें कल लगा कि अब कुछ नहीं हो सकता तो उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव वापस ले लिया। फिर हम अपनी मर्जी से विश्वास प्रस्ताव लेकर आए हैं। हम चाहते हैं कि ये हमारी कमियां निकालें। मैंने देखा कि 65 मिनट की चर्चा हुई और इसमें से 35 मिनट विपक्ष को मिला है। संख्या के हिसाब से सात मिनट मिलने चाहिए थे।
2025 तो छोड़ो, 2050 का चुनाव भी नहीं जीत पाओगे
केजरीवाल ने सदन में आगे कहा कि, तमिलनाडु में हमने स्टिंग देखा, मेरे पास केसीआर का कॉल आया कि आपकी सरकार गिरने वाली है, लेकिन मैंने कहा कि कुछ नहीं होगा। अगर थोड़ी भी शर्म हो तो अब कोशिश मत करना। हमारे सब MLA हीरा हैं, एक भी नहीं बिका। जेल भी जाना पड़े तो जाना, मैं बड़े से बड़ा वकील दे दूंगा, तुम्हारे घर का भी ख्याल रखूंगा।
ये पॉलिक्लीनिक की बात कर रहे हैं थे, मैं खुद उद्घाटन करके आया था। 2017 में कहते थे कि 21 को डिस्क्वलिफाई कर देंगे और फिर सरकार गिरा देंगे। 2017, 2019, 2020 सब में कोशिश कर ली कुछ नहीं हुआ, अब कोशिश मत करना यार। मुख्यमंत्री ने आगे कहा, समय एक जैसा नहीं रहता, मोदी जी कभी न कभी तो जाएंगे, उस समय भ्रष्टाचार मुक्त भारत होगा, क्योंकि सभी चोर उचक्के एक ही जगह हैं, भाजपा वालों को जेल में डाल दो देश भ्रष्टाचार मुक्त हो जाएगा।
प्रधानमंत्री आज कल कह रहे हैं कि ED, CBI ने सभी भ्रष्टाचारियों को एक मंच पर इकट्ठा कर दिया। यह आधा सच है, ED CBI ने सभी भ्रष्टाचारियों को एक पार्टी में इकट्ठा कर रखा है।