शकूर बस्ती विधानसभा इलाके के मतदाताओं की अधिकतर बार सरकार बनवाने में अहम भूमिका रही है। वर्ष 1993 से लेकर 2020 तक हुए सात विधानसभा चुनावों के दौरान यहां से छह बार उसी दल का उम्मीदवार जीता है, जिसकी दिल्ली में सरकार बनी है। इतना ही नहीं, पिछले तीन बार से लगातार आम आदमी पार्टी के विधायक चुने गए सत्येंद्र जैन तो सरकार में मंत्री भी बने है। इस चुनाव जैन की गिरफ्तारी मुख्य मुद्दा रहने की संभावना है। मंत्री रहते हुए वह भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार हुए और लंबे अर्से तक जेल में बंद रहे।
यह क्षेत्र वर्ष 1993 से ही अस्तित्व में है। अभी तक हुए सात चुनाव में यहां से आम आदमी पार्टी सबसे अधिक तीन बार जीती है। वह पिछले तीनों चुनाव में जीतने में कामयाब रही, जबकि भाजपा व कांग्रेस दो-दो बार जीती हैं। इस क्षेत्र में सबसे पहले भाजपा ने जीत हासिल की थी। इस क्षेत्र की जनता ने केवल 2008 में ही सरकार बनाने में मदद नहीं की थी। तब दिल्ली में कांग्रेस की सरकार बनी थी और इस क्षेत्र से भाजपा चुनाव जीती थी। यहां हर चुनाव में सरकार बनाने का मुद्दा हावी रहा है। जबकि इस बार सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी का मुद्दा रहने की संभावना है। यह मामला भाजपा व कांग्रेस की ओर से ही नहीं, बल्कि आम आदमी पार्टी उठाएगी। खास बात यह है कि यहां से आम आदमी पार्टी ने सत्येंद्र जैन को एक बार फिर टिकट दे दिया है।
भाजपा व कांग्रेस की ओर से सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के कारण को आगे करके आम आदमी पार्टी को घेरने का प्रयास किया जा सकता। इन दोनों पार्टियों ने एमसीडी व लोकसभा चुनाव के दौरान भी उनकी गिरफ्तारी को मुद्दा बनाया था, वहीं आम आदमी पार्टी उनको फर्जी मामले में गिरफ्तार करने का मुद्दा उठाते हुए भाजपा पर जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करनेे का आरोप लगाकर मतदाताओं को लुभाने का प्रयास करेगी।
विधान सभा क्षेत्र की बसावट
इस क्षेत्र में अधिकतर पॉश काॅलोनियां हैं, हालांकि इलाके में आने वाले ज्वाला हेड़ी गांव में कुछ स्लम बस्तिया भी हैं। इलाके में सरस्वती विहार, शकूर बस्ती, पश्चिम विहार, मुल्तान नगर आदि पॉश कालोनी है, जिनमें देश के अनेक राज्यों के विभिन्न जातियों के लोग रहते है। वहीं ज्वाला हेड़ी गांव में यादव जाति का बाहुल्य है। विधानसभा चुनाव के दौरान इस क्षेत्र में पॉश कालोनियों के निवासी उम्मीदवारों की हार-जीत का फैसला करते है।
क्या कहती है जनता...
क्षेत्र में लावारिस कुत्तों का आतंक है। बच्चों, बुजुर्ग और अन्य लोगों को पर वह हमले करते रहते है। समस्या के समाधान के लिए नसबंदी, टीकाकरण अभियान और आश्रय स्थल बनाना आवश्यक है।
- प्रमोद सहरावत, मुल्तान नगर
इलाके में सीवर लाइन ओवरफ्लो रहना बड़ी समस्या है। इस कारण सड़कों व गलियों में गंदा पानी जमा हो जाता है। लोगों को असहनीय बदबू का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा मच्छरों का भी प्रकोप बढ़ता है, जिससे लोग बीमार हो रहते है।
- रेणुका अहलावत, पश्चिम विहार
इलाके में सड़कों की हालत बहुत खराब है। इनमें गड्ढे होने के कारण वाहन स्वामियों को असुविधा होती है और दुर्घटनाओं का खतरा रहता है। इसके अलावा लोगों को पैदल चलने में भी दिक्क्त होती है। कई लोग गिर भी चुके है।
-देवेंद्र कुमार, गांव ज्वालाहेड़ी
इलाके में जाम व पार्किंग की भी परेशानी है। यहां कई विख्यात मार्केट हैं और उनमें बड़ी संख्या में लोग आते है, मगर वाहन खड़े करने के लिए पर्याप्त पार्किंग नहीं है। इस कारण लोग सड़कों पर वाहन खड़ करते है, जिससे जाम लगता है।
- एडवोकेट विक्रांत डबास, पश्चिम विहार
वर्ष जीते प्रत्याशी हारे प्रत्याशी
- 1993 गौरी शंकर भारद्वाज (भाजपा) कमलकांत शर्मा (कांग्रेस)
- 1998 डाॅ. एससी वत्स (कांग्रेस) गौरी शंकर भारद्वाज (भाजपा)
- 2003 डाॅ. एससी वत्स (कांग्रेस) श्याम लाल गर्ग (भाजपा)
- 2008 श्याम लाल गर्ग (भाजपा) डाॅ. एससी वत्स (कांग्रेस)
- 2013 सत्येंद्र जैन (आप) श्याम लाल गर्ग (भाजपा)
- 2015 सत्येंद्र जैन (आप) डाॅ. एससी वत्स (भाजपा)
शकूर बस्ती विधानसभा क्षेत्र : वर्ष 2020 में हुए पिछले चुनाव का परिदृश्य
- कुल मतदाता : 146226
- मतदान : 99165 (67.82 प्रतिशत)
- विजय उम्मीदवार : सत्येंद्र जैन (आम आदमी पार्टी) : 51165
- पराजित उम्मीदवार : डा. एससी वत्स (भाजपा) : 43573
- जीत का अंतर : 7592