राघव चड्ढा ने दिल्ली के बाराखंभा रोड़ स्थित मार्डन स्कूल से अपने शिक्षा पूरी की, इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम की डिग्री हासिल की। राघव ने चार्टर्ड अकाउंटेंट के तौर पर अपने करियर की शुरूआत की। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय कर सलाहकार और ट्रांसफर प्राइसिंग में विशेषज्ञता हासिल की।
साल 2011 में इंडिया अगेंस्ट करप्शन आंदोलन की शुरुआत हुई, राघव आंदोलन से काफी प्रभावित हुए, उन्होंने अपनी नौकरी छोड़कर आंदोलन में शामिल होने का निर्णय लिया।
साल 2012 में आम आदमी पार्टी की शुरुआत से ही उन्होंने पार्टी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, राघव पार्टी की ड्राफ्टिंग कमेटी का हिस्सा रहे, उन्होंने कई अहम मुद्दों पर पार्टी का पक्ष भी रखा।
आम आदमी पार्टी में उन्होंने संचार, चुनाव प्रचार और आउटरीच टीम में अहम भूमिकाएं निभाई।
राघव उन प्रवक्ताओं में से एक थे, जिन्होंने समाचार चैनलों पर आम आदमी पार्टी का पक्ष रखना शुरू किया।
उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष जैसे अहम पदों पर भी रहने का मौका मिला। उन्हें पार्टी और पार्टी के नेताओं के महत्वपूर्ण मुकदमों की जिम्मेदारी भी सौंपी जाती है।
राघव ने साल 2016 में दिल्ली के बजट का मसौदा तैयार करने में उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के सहायक के पद पर भी काम किया, जिसके लिए उन्होंने मात्र एक रुपये प्रतिमाह मेहनताना लिया।
राघव ने वित्तीय सलाहकार के तौर पर भी सेवाएं दी, मगर अप्रैल 2018 में केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा उनकी नियुक्ती रद्द कर दी गई थी। इसके बाद वो गृह मंत्रालय को अपना ढाई महीने का वेतन, 2.5 रुपये वापस करके सुर्खियों में आए थे।
उन्हें सर्वसम्मति से पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति में शामिल किया गया। अभी राघव पार्टी की दक्षिणी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र के अध्यक्ष हैं।
राघव ने भाजपा सांसद रमेश विधूडी के खिलाफ साल 2019 में लोकसभा चुनाव लड़ा था। इसमें बिधूडी ने 6,87,041 मतों के साथ जीत दर्ज की, राघव को 3,91,971 वोट मिले थे।
इस बार उन्होंने राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र से नामांकन दाखिल किया है। उन्हें विजेंद्र गर्ग की जगह टिकट दिया गया है। विजेंद्र ने साल 2015 विधानसभा चुनाव में राजेंद्र नगर सीट से 54.39 प्रतिशत मतों के साथ जीत दर्ज की थी।
इस बार उनके सामने भाजपा के आरपी सिंह और कांग्रेस के रॉकी तुसीद भी मैदान में हैं।