राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ते सड़क हादसों का एक बड़ा कारण नशे में वाहन चलाना भी हैं। बाहरी दिल्ली के नांगलाेई इलाके में पुलिसकर्मी की इसलिए कार से कुचलकर हत्या कर दी गई कि उसने गाड़ी में शराब पीने से रोका था। दिल्ली में नशे में वाहन चलाने पर पुलिस की तरफ से की गई कार्रवाई के आंकड़े देखें तो इस एक जनवरी से 15 सितंबर तक 18478 चालान काटे गए हैं। औसतन रोजाना 70 लोगों को वाहन चलाते समय नशे में पाया गया।
ट्रैफिक पुलिस अधिकारी ने बताया कि नशे में गाड़ी चलाने से न केवल वाहन चालक की जान खतरे में होती है बल्कि सड़क पर आवाजाही कर रहे अन्य लोगों के लिए भी खतरा बढ़ जाता है। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि नशे में गाड़ी चलाने वालों पर कार्रवाई के लिए अभियान चलाया जा रहा है। नियमों का पालन नहीं करने पर 10 हजार रुपये का चालान होने के साथ ही कुछ महीने की कैद हो सकती है। नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत धारा 185 लगाई जाती है और गाड़ी को जब्त किया जाता है।
पश्चिम दिल्ली में सबसे ज्यादा चालान
आंकड़ाें के अनुसार, नशे में वाहन चलाने के सबसे ज्यादा मामले पश्चिमी जिले में सामने आए हैं। यहां पर 1973 लोगों के चालान हुए। दूसरे नंबर पर दक्षिण पूर्वी जिले में 1902 और तीसरे नंबर पर मध्य जिला है। यहां पर 1752 चालान किया गया है। वहीं यमुनापार के शाहदरा जिले में सबसे कम 540 चालान हुए।
15 अगस्त तक 831 घातक सड़क दुर्घटनाएं
दिल्ली में इस साल एक जनवरी से 15 अगस्त तक 831 घातक सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। बीते साल इसी समय अवधि के दौरान 799 घातक सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं। वहीं 2022 में एक जनवरी से 15 अगस्त तक 793 घातक सड़क हादसे हुए थे। अधिकारियों का कहना है कि घातक सड़क हादसों में बीते साल की तुलना में बढ़ोतरी हुई है। जबकि सामान्य सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में एक कमी आई है। इस साल 15 अगस्त तक सामान्य सड़क दुर्घटनाओं की संख्या 2,596 रही, जबकि 2023 में यह संख्या 2,624 थी।
नशे में गाड़ी चलाने के चालान के आंकड़े...
जिला---चालान की संख्या
- नई दिल्ली--702
- उत्तरी--1731
- उत्तर पूर्व--857
- पश्चिम--1973
- मध्य--1752
- द्वारका--759
- पूर्वी--1382
- उत्तर पश्चिम--1018
- बाहरी दिल्ली--790
- शाहदरा--540
- दक्षिण--1733
- दक्षिण पूर्व--1902
- बाहरी उत्तरी दिल्ली--1384
- रोहिणी--1018
- दक्षिण पश्चिम--937