अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में बीते आठ दिन से चल रहे सेव डेमोक्रेसी सेव डीयू सत्याग्रह आंदोलन तेज होता जा रहा है। इस सत्याग्रह में छात्रों की भूख हड़ताल भी जारी है। अब छात्रों के सत्याग्रह को रोहतक से सांसद दीपेंद्र हुड्डा का भी समर्थन मिला है। मंगलवार को सांसद व डीयू के पूर्व छात्र दीपेंद्र हुड्डा ने धरना स्थल पर पहुंचकर छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से आंदोलनकारी छात्रों के साथ संवाद स्थापित करने और छात्रों की जायज मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। हुड्डा ने कहा कि डीयू का पूर्व छात्र होने के नाते उनका प्रशासन से सीधा सवाल है कि सुप्रीम कोर्ट के किस निर्णय में जंतर-मंतर पर होने वाले शांतिपूर्ण प्रदर्शन और सभाओं को सार्वभौमिक रूप से गैरकानूनी घोषित किया गया है। उनका आरोप था कि इस तरह की एडवाइजरी जारी कर छात्रों को डराने का प्रयास अलोकतांत्रिक और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने प्रशासन से इस निर्णय को वापस लेने की मांग की। बता दें 29 जुलाई से पांच छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। बीते सोमवार से दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ उपाध्यक्ष राहुल झांसला भी भूख हड़ताल में शामिल हो गए। सोमवार को विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार, प्रॉक्टर और अन्य अधिकारियों ने धरना स्थल पहुंचकर आंदोलनकारी छात्रों से बातचीत की। छात्रों का कहना है कि प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस समाधान प्रस्तुत नहीं किया गया है। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय की ओर से जारी एडवाइजरी में छात्रों को जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन में शामिल होने पर अप्रत्यक्ष रूप से चेतावनी दी गई।