अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को तुर्कमान गेट में तोड़फोड़ के दौरान पथराव की घटना से जुड़े तीन आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई हुई। ये याचिकाएं अभी विचाराधीन हैं और अदालत ने जमानत पर अंतिम फैसला सुरक्षित रखा है। घटना 6-7 जनवरी 2026 की रात चांदनी महल इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद (फैज एलाही मस्जिद) और आसपास के कब्रिस्तान के निकट हुई थी। म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ दिल्ली (एमसीडी) ने अदालत के आदेश पर अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए जेसीबी मशीनों के साथ तोड़ना शुरू किया था। भीड़ ने पुलिस और एमसीडी कर्मचारियों पर पथराव किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस के अनुसार, लगभग 25-30 लोग शामिल थे और कुल 18 लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपियों पर दंगा, पथराव, हत्या का प्रयास और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। मामले में पहले कुछ आरोपियों को जमानत मिली या खारिज हुई, जिसमें एक आरोपी उबैदुल्लाह की जमानत को दिल्ली हाईकोर्ट ने अपर्याप्त तर्क की बताकर रद्द कर दिया था, लेकिन बाद में ट्रायल कोर्ट ने इसे बहाल रखा।