अपने इकलौते बेटे आर्यन की मौत से पिता पंकज काफी आहत हैं। बेटे के शव का पोस्टमार्टम करवाने बाबू जगजीवन राम अस्पताल आए पंकज ने कहा कि रविवार को उसकी शादी तय हो गई थी। इसलिए परिवार वाले उसे इस बार कांवड़ में जाने से मना कर रहे थे, लेकिन वह परिवार की बातों को अनसुना कर दिया। यहां तक कि रजत ने परिवार वालों से मिन्नत कर अपने चचेरे भाई आर्यन को भी अपने साथ ले जाने को राजी कर लिया। काफी मिन्नत करने के बाद परिवार वालों ने इसकी इजाजत दे दी।
अपने आंसू को काबू करते हुए पंकज ने बताया कि वह डीटीसी में मार्शल का काम करते हैं। तड़के ड्यूटी जाने के दौरान उन्होंने मोबाइल पर एक समाचार देखा। जिसमें अलीपुर के हादसे के बारे में बताया गया था। उन्होंने ट्रक देखकर इसकी पहचान कर ली। फिर उसने रजत के पिता व अपने बड़े भाई राजेश को घटना की जानकारी दी। फिर परिवार वाले अलीपुर थाने पहुंचे। जहां हादसा होने और घटना में दोनों भाइयों की मौत की जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि रजत निजी कंपनी में काम करता था। रजत भी अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी दो बहन है, जिसमें एक की शादी हो चुकी है। दूसरी बहन नेहा पढ़ाई कर रही है।
टक्कर लगने के बाद उछल कर सड़क पर गिरे लोग
स्थानीय लोगों ने बताया कि दोनों ट्रकों के बीच टक्कर इतना जबरदस्त था कि उसमें बैठे कई लोग सड़क पर गिर गए। इनमें से ज्यादातर की मौत हो गई। टक्कर चालक के सीट और उससे पीछे की तरफ लगा। झटका लगते ही ज्यादातर लोगों के सिर में गंभीर चोट लगी और कुछ ट्रक से दूर सड़क पर गिर गए। वहीं पुलिस को जांच में पता चला है कि मियांवाली नगर निवासी कमल अग्रवाल हर साल अग्रवाल शिव भोला डाक कांवड़ संघ की ओर से कांवड़ियों को हरिद्वार ले जाते हैं। बुधवार की रात करीब 23 कांवड़ियों को लेकर ट्रक मियांवली से रवाना हुआ था। इन कांवड़ियों में कमल अग्रवाल भी शामिल हैं और हादसे में वह भी घायल हुए हैं।
सामने चल रहे वाहन को बचाने में हुआ हादसा
गिरफ्तार आरोपी ट्रक चालक पप्पू ने बताया कि घटना के समय वह काफी तेज रफ्तार से ट्रक चला रहा था। अचानक सामने से जा रही एक गाड़ी को बचाने के लिए उसने दाहिने तरफ गया। जिससे ट्रक का एक पहिया डिवाइडर पर चढ़ गया। ब्रेक मारने के बदले हड़बडाहट में उसका पैर एक्सीलेटर पर चल गया और ट्रक की रफ्तार बढ़ गई। जिससे सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गया और आगे जाने के बाद उसका ट्रक पलट गया। वह काफी डर गया था और ट्रक से बाहर निकलकर भाग गया। उसने बताया कि वह संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर स्थित मां जगदंबा रोड लाइन्स में चालक के तौर पर काम करता है।
घायल ने देर रात दी घटना की जानकारी
घटना में घायल संदीप के साढू विनय जैन ने बताया कि उसके साढू अपने बड़े भाई सुनील के साथ कांवड़ लेने जा रहे थे। हादसे में दोनों भाई घायल हो गए। सुनील ने घर में फोन कर हादसे की जानकारी दी। जब परिवार वाले अस्पताल पहुंचे तो उन्हें संदीप की मौत की जानकारी मिली। विनय ने बताया कि संदीप की सात साल पहले शादी हुई थी। उनके दो बच्चे हैं। वह परिवार के साथ शाहबाद डेयरी इलाके में रहते थे। उनकी टेलीकॉम की दुकान थी। वह हर साल कांवड़ लेने के लिए जाते थे।