तिगांव निवासी हरपाल ने शिकायत में बताया कि छह अप्रैल की रात करीब साढ़े आठ बजे भांजा तरुण (12) घर जा रहा था। तरुण कक्षा पांचवीं का छात्र था। वह देर रात तक घर नहीं पहुंचा। शनिवार को दो कबाड़ियों ने तिगांव बाईपास के पास आगरा नहर पुल के नीचे एक प्लास्टिक का कट्टा देखा। उन्हें लगा कि प्लास्टिक के कट्टे में कुछ होगा। कट्टे को देखा तो शव था। सूचना मिलने पर थाना तिगांव और थाना सदर की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव की पहचान के लिए तरुण के परिजनों को बुलाया। तरुण के परिजनों ने शव की शिनाख्त की जिसके बाद पोस्टमार्टम के लिए बीके अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया।
घर का चिराग हुआ खत्म
मृतक तरुण का पिता दर्शन कोई काम नहीं करता है। मां रानी निजी कंपनी में काम करती है। तरुण इकलौता बेटा था। वहीं तरुण की बड़ी बहन 16 साल की है। तरुण अपने नाना के यहां से घर जाने के लिए निकला था। दोनों का घर मात्र पांच मकान की दूरी पर है इसलिए परिजन बच्चे के साथ नहीं आए। पुलिस ने बच्चे का अपहरण का केस दर्ज कर लिया है।
चेहरे से नहीं पहचान पाए परिजन
तरुण के चेहरे पर काफी चोट के निशान थे। चेहरे को देखने से लगता है कि उसे जलाने की कोशिश की गई है। परिजनों को जब पहचान के लिए बुलाया गया तो मृतक का चेहरा खराब होने की वजह से पहचान करने में परेशानी हुई। उसके बाद परिजनों ने मृतक के द्वारा बनाई गए रील के आधार पर कपड़ों की पहचान कर शिनाख्त की।
शव मिलने के बाद दर्ज हुआ केस
सूत्रों के अनुसार, परिजनों ने पुलिस को छह मार्च की रात को गुमशुदगी की रिपोर्ट की शिकायत दी थी। उस समय पुलिस ने कोई केस दर्ज नहीं किया। शनिवार को शव मिलने के बाद पुलिस द्वारा आठ मार्च को सुबह आठ बजे अपहरण का केस दर्ज किया गया। थाना तिगांव प्रभारी दलबीर का कहना है कि परिजनों की शिकायत पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।