दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार चौकीदार की नौकरी करने वाला बलबीर बड़ी बेटी, छोटी बेटी आरती व इकलौते बेटे के साथ एफ-दो जोगाबाई एक्सटेंशन में रहता है। जिला पुलिस उपायुक्त राजेश देव ने बताया कि पुलिस को मंगलवार शाम सात बजे सूचना मिली थी कि दो बच्चों के शव संदूक में पड़े हुए हैं। पुलिस ने दोनों बच्चों के शव को पोस्मार्टम के लिए अस्पताल में रखवा दिया है। पुलिस को जांच में पता लगा कि दोनों की बच्चे मंगलवार दोपहर 3.30 बजे से गायब थे। इन्होंने दोपहर का खाना परिवार के सदस्यों के साथ खाया था। परिजनों ने बच्चों को ढूंढना शुरू किया।
बड़ी बहन छत पर गई और संदूक को खोलकर देखा तो दोनों के शव उसमें पड़े हुए थे। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद ये स्पष्ट हो जाएगा कि दोनों बच्चों की मौत कैसे हुई है। इस दर्दनाक घटना के बाद मुहल्ले में मातम का माहौल पसर गया था।
दो दिन पहले बड़ी बहन ने मना किया था
पुलिस को जांच में पता लगा कि दो दिन पहले भी नीरज व आरती बॉक्स में खेल रहे थे। उस दिन बड़ी बहन समय से छत पर चल गई और संदूक में खेलने से मना किया था। बड़ी बहन ने यह भी कहा था कि आगे से इस संदूक में मत खेलना। इस मामले में परिजनों की लापरवाही भी सामने आ रही है कि आखिर पुराना संदूक छत पर क्यों रखा हुआ था।