नई दिल्ली। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने दावा किया है कि उसने इस साल 57 हजार मीट्रिक टन से अधिक सिल्ट निकाली है, जो पिछले साल की तुलना में 70 फीसदी से ज्यादा है। इसके अलावा पूर्वी, दक्षिणी और उत्तरी जोन में डीसिल्टिंग पूरी हो चुकी है, जबकि नरेला, रोहिणी और द्वारका जोन में काम आखिरी चरण में है। डीडीए ने कहा कि इससे उसके नियंत्रण वाले द्वारका जैसे क्षेत्रों में तीन दिनों से हो रही बारिश के बाद भी अपेक्षाकृत कम जलभराव हुआ। डीडीए ने कहा कि पूरे शहर को छह जोन में बांटकर अलग-अलग स्तर पर निगरानी और काम कराया गया। समय रहते नालों की सफाई होने से बारिश का पानी तेजी से निकलेगा और जल निकासी व्यवस्था पहले की तुलना में बेहतर रहेगी। मानसून के दौरान आपात स्थिति से निपटने के लिए डीडीए ने केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के साथ सभी इंजीनियरिंग जोन में अलग-अलग नियंत्रण कक्ष बनाए हैं। इसके अलावा 24 घंटे हेल्पलाइन सेवा भी शुरू की है। ब्यूरो