डीडीए ने राजधानी में बढ़ती पार्किंग समस्या को दूर करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण ने शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने का भी लक्ष्य रखा है। इसके तहत पांच प्रमुख इलाकों में मल्टी-लेवल कार पार्किंग परियोजनाओं के विकास की घोषणा की गई है।
डीडीए ने इन परियोजनाओं के लिए भूखंडों की ई-नीलामी की घोषणा की है। ये परियोजनाएं कड़कड़डूमा, ओखला इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1, दिलशाद गार्डन, द्वारका और सैनी एन्क्लेव में प्रस्तावित हैं। इन स्थानों का चयन शहर के विभिन्न हिस्सों में पार्किंग की आवश्यकता को देखते हुए किया गया है।
इन पांचों परियोजनाओं की कुल क्षमता 1,261 इक्विवेलेंट कार स्पेस (ईसीएस) होगी। यह क्षमता बड़ी संख्या में वाहनों को समायोजित कर सकेगी। इन सभी परियोजनाओं का कुल क्षेत्रफल 11,048.87 वर्ग मीटर है। यह विशाल क्षेत्र पार्किंग सुविधाओं के लिए उपयोग किया जाएगा। ई-नीलामी प्रक्रिया से इन भूखंडों का विकास तेजी से हो पाएगा।
मल्टी-लेवल पार्किंग परियोजनाएं कड़कड़डूमा जैसे व्यस्त क्षेत्र में बनेंगी। ओखला इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में भी एक बड़ी परियोजना प्रस्तावित है। दिलशाद गार्डन, द्वारका और सैनी एन्क्लेव भी इस योजना का हिस्सा हैं। इन सभी परियोजनाओं से कुल 1,261 इक्विवेलेंट कार स्पेस की सुविधा मिलेगी। यह दिल्ली की पार्किंग क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि करेगा।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य राजधानी की गंभीर पार्किंग समस्या का समाधान करना है। इससे यातायात जाम में कमी आएगी और आवागमन सुगम होगा। डीडीए का यह कदम शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा। यह परियोजनाएं शहर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। निवासियों को बेहतर पार्किंग विकल्प उपलब्ध होंगे।