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Cyber Rakshak 1.0 : गालिब आडिटोरियम में लगी साइबर सुरक्षा की पाठशाला, विशेषज्ञ बोले- सतर्कता ही बचाव

Mon, 01 Apr 2024 04:37 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

अमर उजाला ने इस कार्यक्रम में एक्सीलेंस पार्टनर की भूमिका निभाई। कार्यक्रम में दिल्ली पुलिस के एसआई विवेक यादव, अजय कुमार, इंस्पेक्टर संजय कुमार के साथ सोशल मीडिया इन्फलुएंसर रजत राठौर, मनीष कर्नाटक, नंदिनी, गुरलीन कौर, कुल, तुषार अग्रवाल, रिज ब्रांड के ऑन शामिल हुए।
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गालिब आडिटोरियम में सेल्फी लेते अतितिगण। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गालिब आडिटोरियम में रविवार को साइबर रक्षक 1.0 कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वाईपीएसएस के सहयोग से सोहंग साइबर सिक्योरिटी सर्विस ने भारत में साइबर सुरक्षा विषय की पाठशाला लगाई। कार्यक्रम में डीयू, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और पंजाब के विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्रों को साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। 

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सीआरपीएफ, दिल्ली पुलिस और साइबर सुरक्षा के अनुभवी लोगों ने साइबर क्राइम को समय रहते पहचानने, बचाव, आसपास के लोगों को सतर्क करने के तरीके सुझाए। उदाहरण पेश करते हुए समझाया गया कि किस तरह से साइबर ठगी का ट्रेंड एडवांस होता जा रहा है। ये जिस हैकिंग तकनीक पर लगाम लगाते हैं, ठग उससे आगे की तैयारी कर लेते हैं। इसलिए इससे बचने के लिए लोग सतर्क रहें, यही एक मात्र उपाय है। 

अमर उजाला ने इस कार्यक्रम में एक्सीलेंस पार्टनर की भूमिका निभाई। कार्यक्रम में दिल्ली पुलिस के एसआई विवेक यादव, अजय कुमार, इंस्पेक्टर संजय कुमार के साथ सोशल मीडिया इन्फलुएंसर रजत राठौर, मनीष कर्नाटक, नंदिनी, गुरलीन कौर, कुल, तुषार अग्रवाल, रिज ब्रांड के ऑन शामिल हुए। ये अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये साइबर सुरक्षा की जानकारियां लाखों लोगों तक पहुंचाने में मदद करेंगे। साइबर एक्सपर्ट सुरमीत सिंह और उनकी टीम ने इन्फलुएंसर के साथ लाइव हैकिंग का डेमो देकर इससे बचने के तरीके बताए। 
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साइबर ठगी के तरीके और बचाव
डेबिट कार्ड पर हो रहा एनएफसी अटैक - मेट्रो, मॉल, बाजार व अन्य भीड़भाड़ वाली जगहों पर आपके वाईफाई वाले डेविट, क्रेडिट कार्ड पर एनएफसी डिवाइस के जरिये पल भर में कार्ड की क्लोनिंग हो जाती है। इसके बाद हैकर्स अकाउंट से सारे पैसे उड़ा लेते हैं।  

बचाव के तरीके
अपने डेबिट, क्रेडिट कार्ड को पर्स या जेब में रखने से पहले फॉइल पेपर में चार-पांच लेयर की कवरिंग करके कार्ड क्लोनिंग से बचा सकते हैं।

विशेषज्ञों के सुझाव 
साइबर ठगी के नए-नए तरीकों से जैसे-जैसे हम निपट रहे हैं, हैकर्स उतना ही बढ़ते जा रहे हैं। साइबर ठगी का ट्रेंड एडवांस होता जा रहा है। हम हैकिंग की जिस तकनीक पर लगाम लगाते हैं, ठग उससे आगे की तैयारी कर लेते हैं, यूट्यूब पर लाइक, सब्सक्राइब करने तक में साइबर क्राइम हो रहा है।
- विजय कुमार, डीआईजी, सीआरपीएफ 

साइबर ठगी का तरीका हर दो-चार महीने में बदल रहा है। इससे सतर्क रहकर ही बचा जा सकता है। यदि आपके पास फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम है, वे लोग ज्यादा सतर्क रहें। क्योंकि स्मार्ट लोग ही हैक हो रहे हैं। जो लोग स्मार्ट फोन नहीं हैं, वे सुरक्षित हैं। 
- इंस्पेक्टर संजय कुमार

साइबर मर्डर हो रहा है, सिस्टम हैक करके मर्डर हो रहा है। हम जितना डिजिटल हो रहे हैं, उतना खतरे में पड़ रहे हैं। अनजान नंबर से फोन आए तो बिल्कुल नहीं उठाना है। साइबर अटैक होने पर तुरंत पुलिस में रिपोर्ट करनी है। 
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- एसआई विवेक यादव

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