आरोपी सुनील ने खुलासा किया कि वह टेलीग्राम के एक ग्रुप के जरिये जयपुर के विश्व भास्कर शर्मा से मिला। उसने ठगी के तरीके सिखाए। साथ ही इस गैंग में पंकज मिश्रा नाम का व्यक्ति भी है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर दोनों आरोपियों को जयपुर से गिरफ्तार कर लिया।
बीटेक है सरगना
पुलिस ने बताया कि विश्व भास्कर शर्मा गैंग का सरगना है। वह राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी से बीटेक है। पहले वह नौकरी करता था। बाद में नौकरी छोड़कर वह टेलीग्राम के जरिये ठगी को अंजाम देने लगा। वहीं, जयपुर का पंकज मिश्रा गिरोह को तकनीकी मदद करता था। वह आईटी के नामी कंपनी में टीम लीडर के रूप में काम कर चुका है। दौरा पड़ने की बीमारी की वजह से उसे साल 2020 में नौकरी छोड़नी पड़ी। वह टेलीग्राम के जरिये भास्कर के संपर्क में आया। सुनील कुमार भी टेलीग्राम से इनके संपर्क में आया। ठगी के लिए आरोपी आधार कार्ड अपडेशन सेंटर चलाने वाले पुनीत और आसिफ से फर्जी दस्तावेज बनवाने लगा।
हस्तियों का जीएसटी और पैन नंबर का करते थे इस्तेमाल
पुलिस के जांच में आरोपियों ने बताया कि गूगल पर मशहूर हस्तियों के जीएसटी विवरण मौजूद होते हैं। आरोपियों को इस बात की जानकारी थी कि जीएसटीआईएन के पहले दो अंक राज्य का कोड होता है जबकि उसके बाद के 10 अंक पैन का नंबर हैं। इसके साथ ही गूगल पर हस्तियों के जन्मतिथि भी मौजूद है। पैन नंबर और जन्मतिथि मिलने से आरोपियों ने पैन संबंधी जरूरी जानकारी हासिल कर लिए। आरोपियों ने बताया कि ठगी करने के लिए उनलोगों ने इस नंबर का इस्तेमाल किया। हस्तियों की जानकारी हासिल करने के बाद आरोपियों ने उनके नाम से फिर से पैन कार्ड और आधार कार्ड बनवाया। लेकिन इसपर अपनी फोटो लगा दी ताकि वीडियो सत्यापन के दौरान उनका चेहरा पैन और आधार कार्ड पर उपलब्ध तस्वीर से मेल खा जाए। पुलिस ने बताया कि अभिनेता अभिषेक बच्चन के पैन कार्ड में उनका ही पैन नंबर और जन्मतिथि थी, लेकिन आरोपियों में से एक की तस्वीर उसपर लगी थी।
अब तक 90 लाख की ठगी का पता चला
पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। आशंका है कि आरोपियों ने अन्य बैंकों और वित्तीय संस्थानों से भी इस तरह क्रेडिट कार्ड बनाकर फर्जीवाड़ा किया होगा। पुलिस लगातार इनके बैंक स्टेटमेंट, मोबाइल और लैपटॉप का विश्लेषण कर रही है। इसके अलावा बैंकों और क्रेडिट कार्ड कंपनियों की केवाईसी प्रक्रिया को लेकर भी जांच की जा रही है। अब तक पुलिस ने 90 लाख रुपये की ठगी का पता लगा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
टेलीग्राम और यूट्यूब से सीखी ठगी
आरोपियों ने बताया कि वह विभिन्न टेलीग्राम समूहों और यूट्यूब चैनल के जरिए ठगी सीखी। वहां से उन्होंने अच्छे सिविल स्कोर वाले लोगों के पैन कार्ड और आधार कार्ड जैसी व्यक्तिगत पहचान को संपादित करके क्रेडिट कार्ड कंपनियों और ऋण एप के साथ धोखाधड़ी करने का तरीका सीखा। इसके बाद वह टेलीग्राम ग्रुप के जरिये आरोपी सुनील कुमार और आरोपी पंकज मिश्रा के संपर्क में आए। फिर आरोपी सुनील कुमार, पंकज मिश्रा और विश्व भास्कर ने बैंक की ओर से अपनाई गई केवाईसी प्रक्रिया में खामियों का फायदा उठाया और कई बैंकों, क्रेडिट कार्ड कंपनियों और लोन एप को धोखा दिया। आरोपी व्यक्तियों ने एक साथ कई लोन ऐप, कई बैंक जैसे एक्सिस बैंक और कई क्रेडिट कार्ड कंपनियों जैसे वन कार्ड आदि को धोखा दिया।