दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में इंसानियत की हदें पार करने वाले आरोपी दरिंदे को पुलिस ने दबोच लिया है। आरोपी महिला से एकतरफा प्यार करता था और किसी अन्य से दोस्ती से खफा था। आरोपी ने पहले महिला के साथ दुष्कर्म किया और फिर उसकी गर्दन दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने महिला के प्राइवेट अंगों में लकड़ियां डाली थीं।
विज्ञापन
आरोपी महिला पर शक करता था और इसी नफरत के चलते उसने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। हालांकि आरोपी पुलिस को खुलकर ज्यादा बता नहीं रहा है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से महिला का मंगलसूत्र, मोबाइल व सैलरी बरामद कर ली है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर ये पता करने में लगी हुई थी कि वारदात में किस-किस की भूमिका है। रविवार को महिला के शव का पोस्टमार्टम हो गया।
और भी लोगों की भूमिका सामने आ सकती है
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार पकड़े गए आरोपी का नाम रामतेज है वह सुल्तानपुर स्थित डीडीए की एक नर्सरी में माली है। आरोपी की पीड़ित महिला से कई महीने से दोस्ती थी। ये भी बताया जा रहा है कि वह महिला से एकतरफा प्यार करता था। पीड़ित महिला की कई और लोगों से दोस्ती थी। रामतेज महिला को उनसे मिलने से मना करता था।
मगर महिला फैक्ट्री में काम करने वाले कुछ युवकों से मिलती थी। वारदात वाले दिन रामतेज ने महिला को मिलने के बुलाया। दोनों के बीच पहले झगड़ा हुआ था। फिर समझौता हो गया। इसके बाद उसने महिला के साथ दुष्कर्म किया। फिर उसने महिला की जर्सी से उसकी गर्दन दबाकर हत्या कर दी।
आरोपी ने हत्या करने के बाद महिला के हाथ-पैर बांधकर प्राइवेट अंगों में लकड़ियां डाल दीं। वह महिला की फोटो भी अपने साथ रखता था। हालांकि शुरुआती पूछताछ में वह हत्या व दुष्कर्म की वारदात में अपनी भूमिका की बात से इनकार कर रहा था।
गला दबाकर की गई थी महिला की हत्या
दक्षिण दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में डीडीए नर्सरी में मृत मिली 33 वर्षीय महिला निशी की गला दबाकर हत्या की गई थी। शरीर के प्राइवेट अंगों पर भी चोट के काफी निशान मिले हैं। निशी के शव का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने पुलिस अफसरों के सामने ये खुलासा किया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह मामला स्पष्ट हो पाएगा। दो से तीन दिन में रिपोर्ट आ जाएगी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि लकड़ियों के अलावा महिला के शरीर से लोहे की रॉड भी मिली है। ये रॉड पार्क की ग्रिल की हो सकती है। हालांकि पुलिस अधिकारी इस बारे में कुछ भी नहीं बोल रहे हैं।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के मुताबिक महिला की हत्या गला दबाकर की गई। महिला का जब शव मिला था तो उसकी गर्दन में जर्सी लिपटी थी। मेडिकल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि हो गई है, हालांकि ये खुलासा नहीं हो पाया कि उसके साथ दुष्कर्म हुआ है या सामूहिक दुष्कर्म।
कॉल डिटेल से खुलासा कि दोनों काफी बातें करते थे
मोबाइल कॉल डिटेल से खुलासा हुआ है कि महिला व आरोपी रामतेज हर रोज कई-कई बार बात करते थे। कई बार तो दोनों की बातें काफी लंबी होती थीं। हालांकि आरोपी महिला से बात करने की बात से इनकार कर रहा है।
मगर पुलिस के पास कॉल डिटेल सबूत के रूप में है। पोस्टमार्टम के बाद महिला के शव को उसके परिजनों को सौंप दिया गया है। रविवार शाम को महिला के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
रविवार को महिला के शव का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड ने किया। मेडिकल जांच में महिला के साथ दुष्कर्म की पुष्टि भी हुई। पुलिस सूत्रों का कहना है कि महिला के प्राइवेट अंगों में लकड़ियां मिली हैं। इस मामले में दक्षिण जिला पुलिस अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
आरोपी का चेहरा कैमरे में हुआ कैद
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी का चेहरा सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गया है। महरौली-गुड़गांव रोड पर सुल्तानपुर मेट्रो के साथ एक बिल्डिंग में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। फुटेज में दिख रहा है कि वह पीड़ित महिला को बाइक पर बैठाकर ले जा रहा था।
आरोपी ने महिला को मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले जाने की बात तो मानी है, मगर वह महिला की हत्या व दुष्कर्म की बात से इनकार कर रहा है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज को महत्वपूर्ण सबूत मान रही है।
गोरखपुर की रहने वाली 33 वर्षीय महिला की हत्या के बाद आरोपी रामतेज महिला का मोबाइल, मंगलसूत्र और सैलरी ले गया था। पीड़िता महिला को सैलरी करीब सात-आठ हजार रुपये शुक्रवार को मिली थी।
सैलरी फैक्ट्री मालिक ने एक लिफाफे में दी। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री मालिक ने फैक्ट्री के सैलरी लिफाफे की पहचान कर ली है। फैक्ट्री से सैलरी नगद मिलती है और लिफाफे में रखकर दी जाती है।
मां-पिता को सता रही है बेटी की याद
दिल्ली में महिला के साथ दरिंदगी के बाद हत्या की घटना इलाके के दो परिवारों पर बिजली गिरा गई। मृतका की ससुराल में जहां दूसरे दिन भी सन्नाटा रहा, वहीं कुछ दूर के गांव में मायके का हर सदस्य भी अनहोनी को लेकर स्तब्ध था।
आबादी के करीब होकर भी मायके का घर सूनेपन में घिरा था। पूरे मकान में एक ही कमरा रहने लायक होने से मुफलिसी के हालात बयां हो रहे थे। भूजा बेचकर घर चलाने वाले मृतका के वृद्ध पिता बेटी के साथ अनहोनी की खबर मिलने के बाद से पूरी तरह खामोश हो गए हैं। आसपास के लोग कुछ जानने की कोशिश करते हैं तो जबान की जगह डबडबाई आंखें ही जवाब देती हैं।
बीच-बीच में घर के सन्नाटे को तोड़ती हैं मां की चीखें, जिन्होंने चार संतानों में बड़ी होने के कारण बेटी की परवरिश भी पूरे उत्साह से की। दो बेटों के रोजगार के सिलसिले में मुंबई चले जाने और बेटी के पति के साथ दिल्ली में मेहनतकशी से तसल्लीबख्श जिंदगी गुजारने की खबरें ही इस बुजुर्ग दंपति को तसल्ली देती रहती थीं लेकिन शनिवार दोपहर मिली बुरी खबर ने सभी की तसल्ली छीन ली।
‘अमर उजाला’ से बातचीत में बुजुर्ग दंपति हमेशा के लिए दूर हो चुकी बेटी की तीन अबोध बच्चियों की चिंता जबान पर आ गई। बताया कि साथ रह रहे बेटे को दिल्ली भेजना चाहते थे, लेकिन दामाद ने यह कहकर रोक दिया कि उसके पहुंचने तक बहुत देर हो जाएगी। अंतिम संस्कार कर बच्चों के साथ जल्द गोरखपुर पहुंचेंगे।
इस बीच मृतका के जेठ को पति ने दोपहर तीन बजे दिल्ली से फोन पर शव मिलने की जानकारी दी। कहा, अंतिम संस्कार के बाद गोरखपुर का सफर शुरू कर देंगे। इस कॉल के बाद से उसका मोबाइल स्विच ऑफ है।
दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में महिला के साथ गैंगरेप के बाद हुई हत्या के विरोध में रविवार को जेएनयू कैंपस में आइसा ने प्रदर्शन किया। जेएनयू छात्र संगठन के अध्यक्ष आशुतोष के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में छात्रों ने दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई करने की मांग की।
साथ ही केंद्री में मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने वसंत कुंज थाने तक मार्च भी निकाला। छात्रों का कहना है कि 16 दिसंबर के हादसे के बाद भी दिल्ली में हालात नहीं बदले हैं। छात्रों ने कहा कि मोदी सरकार नारी के सुरक्षा को लेकर विफल रही है।
प्रदर्शनकारियों ने जेएनयू कैंपस स्थित गंगा ढाबे से मार्च निकाला। वह पैदल ही वसंत कुज थाने की ओर बढ़े। मार्च वसंत कुंज थाने तक निकाला गया। इस दौरान उन्होंने दिल्ली पुलिस के खिलाफ भी नारेबाजी की। छात्र नेता आशुतोष ने कहा कि दावों के बावजूद आज भी राजधानी की सड़कों पर महिलाएं सुरक्षित नहीं है।