सिविल अस्पताल में बृहस्पतिवार को प्रसव के बाद एक महिला की मौत हो गई। बताया गया है कि अस्पताल में माकूल इलाज की सुविधा नहीं होने के कारण महिला को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया था, लेकिन वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहां से मृत शरीर को सिविल अस्पताल भेज दिया गया। महिला के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। हालांकि अभी इस बाबत कोई लिखित शिकायत नहीं दी है।
परिजनों के मुताबिक गांव गढ़ी मूरली की 22 वर्षीय पूजा को प्रसव पीड़ा के बाद बुधवार रात करीब 9:00 बजे अस्पताल लाया गया था। परिजनों का आरोप है कि यहां आने के बाद उसे एक बार डॉक्टर ने चेक किया। इसके बाद तकलीफ ज्यादा बढ़ गई। रात को डॉक्टर व अन्य स्टाफ को बार-बार बुलाया गया, लेकिन इसके बावजदू कोई महिला को देखने तक नहीं आया।
इसे लेकर परिजनों की रात में डॉक्टर व स्टाफ नर्स के साथ बहस भी हुई। इसके बाद तड़के करीब 4:00 बजे प्रसव कराया गया। परिजनों ने बताया कि प्रसव के बाद महिला की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। इसके बावजूद डॉक्टर स्थिति नियंत्रण में कहकर टाल रहे थे। जब स्थिति ज्यादा बिगड़ गई तो मरीज को सुबह 6:00 बजे सफदरजंग रेफर कर दिया गया।
अस्पताल पहुंचने तक स्थिति बहुत बिगड़ गई और वहां इलाज शुरू करने से पहले मरीज के परिजनों को बता दिया गया कि 95 फीसदी तक रक्तस्राव हो चुका है। बचने की स्थिति बहुत ही कम है। इलाज के दौरान 7:50 बजे महिला की मौत हो गई।
इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है, फिर भी इस मामले में संबंधित डॉक्टरों व स्टाफ से जानकारी ली गई है। प्रसव के बाद बच्चेदानी वापस अपने स्थान पर नहीं पहुंच रही थी, जिससे मरीज की स्थिति बिगड़ रही थी। इसस वजह से मरीज को रेफर किया गया था। -डॉ. कांता गोयल, प्रधान चिकित्सा अधिकारी: