पश्चिम जिला पुलिस ने ओएलएक्स के जरिये ठगी करने वाले एक युगल को दबोचा है। पकड़े गए आरोपी की पहचान लता (45)(बदला हुआ नाम) व इसके लिवइन पार्टनर रंजित उर्फ अश्विनी उर्फ कमल (51) के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक होंडा सिटी कार, एक लैपटॉप, लता के नाम पर बने तीन वोटर आईकार्ड, छह फर्जी आधार, तीन फर्जी डीएल और दो फर्जी चेक एक ही नंबर के मिले हैं। पुलिस की मानें तो वारदात में लता का बेटा भी शामिल है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त विजय कुमार ने बताया कि 17 अगस्त को सुभाष नगर निवासी मानस आरोड़ा नामक शख्स ने ठगी की शिकायत सुभाष नगर पुलिस चौकी में दर्ज कराई थी। मानस के मुताबिक उसने अपनी होंडा सिटी कार को बेचने के लिए आएलएक्स पर बेचने का विज्ञापन डाला हुआ था। मां-बेटे उसकी कार खरीदने आए।
कार पसंद कर दोनों उसे डीडी थमाकर चले गए। जांच के दौरान डीडी नकली निकला। पुलिस ने 21 अगस्त को मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। मामले की छानबीन के लिए एसआई संदीप यादव और मंगल राम समेत अन्यों की टीम ने छानबीन शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी अपना लैपटॉप बेचने की फिराक में है।
सूचना के बाद पुलिस ने एक नकली ग्राहक आरोपियों के पास भेजा। मंगलवार को सुभाष नगर से ही लता व रंजित को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के पास से कार व अन्य सामान बरामद हुआ। पूछताछ के दौरान लता ने बताया कि वह रोहतक से एमए पास है। 2009 में उसके पति की मौत हो गई थी। कुछ दिनों बाद ही उसने रंजित के साथ रहना शुरू कर दिया। महिला ने अपने बेटे व रंजित के साथ मिलकर वारदात को अं जाम देना शुरू कर दिया। पुलिस लता के बेटे की तलाश कर रही है।