पति की हत्या के मामले में पत्नी व उसके भाई को दोषी ठहराते हुये अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने मृतक के परिजनों व डॉक्टरी साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाते हुए दोषियों को सजा सुनाई है। नजफगढ़ इलाके में दोषी महिला ने अपने भाई के साथ मिलकर पति की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी।
द्वारका जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गौतम मनन ने कांता व उसके भाई अनिल कुमार को अनिल कुमार की हत्या का दोषी ठहराते हुये आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषियों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
अदालत ने मृतक अनिल के माता-पिता व भाई के बयानों पर भरोसा जताते हुये कहा कि इनके बयानों से साफ है दोषी मृतक से मारपीट में शामिल थे जिसके कारण उसकी मौत हो गयी। पोस्ट मोर्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर चोट के 35 निशान मिले थे।
अभियोजन के मुताबिक कांता ने अपने भाई अनिल के साथ मिलकर 14 जुलाई 2011 को पति अनिल कुमार की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद उन्होंने मृतक का गला भी घोंट दिया था।
अदालत ने इस बात पर गौर किया कि अभियोजन के गवहों के मुताबिक हत्या वाले दिन कांता व उसके पति के बीच झगड़ा हुआ था और गवाहों ने मारपीट का शोर सुना था। मृतक की मां राजबाला ने अपने बयान में कहा कि उसने देखा था कांता उसके बेटे का डंडे से पीट रही थी और उसका भाई भी वहां बैठा था।