पति की हत्या के आरोप में जेल में बंद महिला को हाईकोर्ट ने जमानत देने से इंकार दिया है। कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज करते हुये कहा कि केस के साक्ष्य सीधे तौर पर अपराध से उसे जोड़ते हैं। मामला हरी नगर इलाके का है। पुलिस ने महिला को अप्रैल 2016 में गिरफ्तार किया था। जस्टिस संगीता ढींगरा सहगल ने जमानत याचिका खारिज करते हुये कहा अभियोजन ने जो साक्ष्य व तथ्य पेश किये हैं उनके मद्देनजर तथा अपराध व सजा की गंभीरता को देखते हुये जमानत प्रदान नहीं की जा सकती।
महिला की जमानत याचिका में कहा गया कि वह 28 अप्रैल 2016 से न्यायिक हिरासत में है। उसके ससुर ने उसे व उसकी बेटी को घर से निकालने के मकसद से हत्या का मामला दर्ज करवाया है ताकि उसके पति की संपत्ति से वंचित किया जा सके। उसके पति ने खुदकुशी की थी क्योंकि वह भारी तनाव में थे क्योंकि उसके पिता उसे संपत्ति से बेदखल करने की धमकी देते थे।
याची के वकील ने कहा कि महिला के पति की लंबाई छह फीट तथा उसका वजन 100 किलो से अधिक था जबकि उसकी मुव्वकिल दुबली पतली है। ऐसे भारी भरकम शख्स को काबू करना उसके लिये संभव नहीं है। महिला के पति ने 16-17 अप्रैल 2016 की रात रस्सी से लटक कर खुदकुशी की थी।
बचाव पक्ष ने पुलिस के केस पर सवाल उठाते हुये कहा कि गले पर निशान व चोटों के संबंध में पोस्ट मोर्टम रिपोर्ट में जो तथ्य सामने आये हैं वह एमएलसी रिपोर्ट से बिल्कुल अलग है।
दूसरी ओर पुलिस ने जमानत याचिका का विरोध करते हुये कहा यह खुदकुशी नहीं बल्कि हत्या थी क्योंकि मृतक की नायलोन की रस्सी से गला घोंटकर हत्या की गई थी। उस रात मृतक, उसकी पत्नी व उनकी नाबालिग बेटी ही घर पर थे।