न्यूजीलैंड स्थित भारतीय दूतावास में वीजा ऑफिसर रहे व्यक्ति को जालसाजी के मामले में साउथ कैंपस थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी कोर्ट से भगोड़ा घोषित होने के बाद कतर भाग गया था।
इन दिनों वह दिल्ली के सत्य निकेतन स्थित अपनी करोड़ों की प्रॉपर्टी बेचने के लिए यहां आया था। सूचना के आधार पर पुलिस ने करीब 16 घंटे घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। पुलिस के अनुसार बंगला नंबर-255, सत्य निकेतन, दिल्ली निवासी राहुल गंभीर (41) ने एसबीएस नगर, नवा शहर पंजाब निवासी जगदीश कुमार, उसकी पत्नी और उसके एक रिश्तेदार को वर्ष 2012 में कनाडा भेजने और जगदीश को कनाडा में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था।
राहुल ने कनाडा भेजने के लिए प्रति व्यक्ति 16 लाख रुपये मांगे, जिसके हिसाब से कुल 48 लाख रुपये हुए। जगदीश ने राहुल को 33 लाख रुपये दे दिए। रुपये लेने के बाद राहुल गायब हो गया। आरोपी ने जगदीश, उसकी पत्नी व रिश्तेदार को न तो कनाडा भेजा और न ही रुपये लौटाए।
बाद में राहुल ने जगदीश को 19 लाख रुपये का चेक दिया, जो बाउंस हो गया। जगदीश ने दिसंबर 2014 में मामले की शिकायत पुलिस को की। साउथ कैंपस थाना पुलिस ने जनवरी 2015 में एफआईआर दर्ज की थी। कोर्ट ने राहुल को भगोड़ा घोषित कर दिया था, जिसके बाद आरोपी कतर भाग गया।
पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी राहुल सत्य निकेतन स्थित अपनी प्रॉपर्टी बेचने के लिए दिल्ली आया है। साउथ कैंपस थानाध्यक्ष अनंत कुमार गुंजन की देखरेख में एसआई अशोक कुमार, सिपाही सज्जन की टीम ने शुक्रवार शाम राहुल के घर पर घेराबंदी की।
आरोपी ने दरवाजा नहीं खोला। पुलिस टीम ने करीब 16 घंटे घेराबंदी करके रखी। बावजूद इसके उसने दरवाजा नहीं खोला। इस पर सत्य निकेतन के आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों को बुलाया गया और उनकी देखरेख में आरोपी के घर के तीन दरवाजे तोड़े गए। राहुल बाथरूम में छिपा था। पुलिस ने थाने लाकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी बिजनौर, यूपी में भी है वांछित
पुलिस के अनुसार दिल्ली विश्वविद्यालय के वेंकटेश्वरा कॉलेज से बीएससी करने वाल राहुल अमेरिकन एयरलाइंस में काम कर चुका है। आरोपी चेक बाउंस के मामले में बिजनौर, यूपी में भी वांछित है। राहुल न्यूजीलैंड स्थित भारतीय दूतावास में वीजा ऑफिसर के तौर पर काम कर चुका है।
इसके बाद वह दिल्ली आकर रेसकोर्स में घोड़ों की दौड़ पर सट्टा लगाने लगा। यहां उसे घाटा हुआ। फिर उसने क्रिकेट में सट्टा लगाना शुरू कर दिया। यहां भी राहुल को घाटा हुआ। इसने कई लोगों से रुपये भी उधार लिए। रुपये चुकाने के लिए आरोपी ने लोगों को चेक दिए, तो चेक बाउंस हो गए।