नकली पासपोर्ट और वीजा से अवैध रूप से लोगों को विदेश भेजकर मानव तस्करी करने वाले बदमाश को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दबोचा है। आरोपी की पहचान गांव बसैला, होशियारपुर, पंजाब निवासी जसविंदर सिंह उर्फ ब्रह्मी के रूप में हुई है।
आईजीआई एयरपोर्ट थाने में जसविंदर के खिलाफ तीन मामले दर्ज थे। 2009 से पुलिस को उसकी तलाश थी। दिल्ली की अदालत ने जसविंदर को भगोड़ा भी घोषित किया हुआ था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त रवींद्र यादव ने बताया कि 19 जुलाई को उनकी टीम को सूचना मिली थी कि मानव तस्करी में शामिल बदमाश जसविंदर सिंह सागरपुर रोड, दिल्ली में आपने किसी जानकार से मिलने आने वाला है।
सूचना के बाद घेराबंदी कर पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया। जसविंदर ने बताया कि उसने खुद काम करने के लिए लीबिया और सऊदी अरब की यात्रा की थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात बलबीर से हुई थी। बाद में वह भारत आ गया।
बलबीर नकली पासपोर्ट और वीजा के आधार पर लोगों को विदेश भेजने का काम करता था। जसविंदर ने बलबीर के साथ मिलकर काम करना शुरू कर दिया।
इस बीच 1985 में वह गिरफ्तार भी हुआ। लेकिन जेल से छूटने के बाद वह फिर मानव तस्करी करने लगा। इस बीच 2009 के बाद से वह फरार हो गया। तभी से पुलिस उसकी तलाश कर रही है।