पांच माह पहले परचून दुकानदार की चोरी बाइक एक सिपाही के पास मिली। अब उसे पाने के लिए थाने का चक्कर लगा रहा है। बह बार-बार यहीं कह रहा है कि मेरी चोरी हुई बाइक को सिपाही चला रहा है।
वापस दिलाने की बात कह रहा है। वहीं इस मामले में सिपाही का कहना है कि बाइक को बनवाने में 15 हजार रुपये खर्च हो गए, उसे दे दो और बाइक ले जाओ।
गांव हबीबपुर निवासी राधेश्याम ने बताया कि वह परचून की दुकान चलाता है। 30 अप्रैल को सूरजपुर मार्केट स्थित दुकान पर मोबाइल रिपेयरिंग कराने गया था। इस दौरान उसकी बाइक चोरी हो गई।
इसकी रिपोर्ट सूरजपुर थानेे में करा दी। 9 सितंबर को मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। व्यक्ति ने जानकारी दी कि वह उसकी बाइक की सूचना दे सकता है। उसने मुरादाबाद स्थित एक कुरियर कंपनी के कार्यालय बुलाया।
संज्ञान में नहीं आया है मामला
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अगले दिन राधेश्याम बताए गए पते पर पहुंच गया। वहां से तीन हजार लेने के बाद उसे बाइक की औरंगाबाद थानेे में नंबर बदलकर खड़ी होने की जानकारी दी गई।
राधेश्याम का आरोप है कि औरंगाबाद थाने में उसकी बाइक मिल गई। जब बाइक चलाने वाले सिपाही से संपर्क किया तो उसने बताया कि दिल्ली के रिश्तेदार से गाड़ी ली है। उसने बाइक के टायर-ट्यूब बदलवाने के साथ अन्य सामान भी लगवाने की बात कही।
उसने कहा कि 15 हजार रुपये देने पर बाइक वापस देेगा। इसके बाद राधेश्याम वापस लौट आया। उसका कहना है कि वह दोबारा सिपाही से संपर्क करेगा, अगर बाइक नहीं दी, तो उच्च अधिकारियों सेे शिकायत करेगा।
यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। अगर मुझसे इस मामले की शिकायत की गई, तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
- पीआर शर्मा, औरंगाबाद, थाना प्रभारी