उसने सरकारी नौकरी हासिल करने की ठान ली थी। सूत्रों की मानें तो पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि वह हर हाल में एक अच्छी सरकारी नौकरी पाना चाहता था, इसके लिए वह तैयारी भी कर रहा था।
आरोपी का कहना था कि वह आईएएस बनना चाहता था, इसके लिए वह तैयारी में जुटा हुआ था। बकौल आरोपी उसने संघ लोक सेवा आयोग की प्री परीक्षा पास कर ली थी और मेंस की तैयारी में जुटा हुआ था।
उसने सीजीएल (कंबाइंड ग्रेजुएट लेवर एग्जाम) भी क्वालिफाई कर लिया था, लेकिन उसके सिर पर आईएएस बनने का जुनून सवार था। वह हर हाल में अच्छी सरकारी नौकरी पाकर युवती से शादी करना चाहता था, लेकिन वक्त को कुछ और ही मंजूर था।
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि घटना के बाद वह अपने घर पहुंचा। उसकी टीशर्ट और जैकेट तो धुल गए थे, लेकिन जींस पर लगे धुंए और तेल के दाग नहीं छूटे। इसके बाद उसने अपनी जींस डिग्री कालेज के निकट दीवार के पास फेंक दी थी।
पुलिस पूछताछ में आरोपी अंकित ने बताया था कि उसे संदेह था कि शीलू उससे शादी नहीं करेगी। उसी के कारण वह दुबई से अपनी नौकरी छोड़कर वापस आया था, करियर बर्बाद होने की पीड़ा भी साफ झलक रही थी।
इन सवालों के नहीं मिले जवाब
- जब भाई की शादी थी तो परिजन बेटी को खरीददारी के लिए अपने साथ क्यों नहीं लेकर गए?
- आरोपी उनके घर पूर्व में भी आता रहा है, इसकी भनक परिजनों को क्यों नहीं लगी?
- अगर परिजनों को दोनों के रिश्ते के बारे में जानकारी थी तो शादी में क्या अड़चन थी?
- क्या युवक का बैकग्राउंड मजबूत न होना शादी के बीच रोड़ा बना था ?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दखल के बाद पुलिस ने बहांपुर गांव में हुई दो बहनों की संदिग्ध परिस्थितियों में जलकर मौत का खुलासा 24 घंटे के अंदर कर दिया। शीलू के शादी से इंकार करने पर आरोपी प्रेमी ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
इसके बाद चश्मदीद ममेरी बहन शिवानी की भी हत्या कर दोनों के शव पेट्रोल छिड़ककर जला दिए। पुलिस ने शनिवार सुबह आरोपी को बीबीनगर तिराहे से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
बृहस्पतिवार को बीबीनगर थाना क्षेत्र के गांव बहांपुर में दो बहनों की हत्या कर शव जलाने के मामले में शीलू के पिता गजेंद्र सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि 18 फरवरी को उनके पुत्र की शादी थी।
बृहस्पतिवार को वह अपने परिजनों के साथ खरीदारी करने के लिए दिल्ली गए थे। घर पर उनकी पुत्री शीलू व रिश्तेदार की पुत्री शिवानी मौजूद थीं। जब वह लौटे तो दोनों के शव अलग-अलग कमरों में जली हुई अवस्था में पड़े मिले थे।
एसएसपी मुनीराज जी ने शनिवार को प्रेसवार्ता में बताया कि स्वाट टीम प्रभारी अभिनव सिंह पुंडीर व बीबीनगर एसओ मामले की जांच कर रहे थे। मृतक युवती शीलू की कॉल डिटेल खंगाली गई थी, जिसमें युवक अंकित सिरोही उर्फ पुष्कल पुत्र राजवीर सिंह निवासी गांव ढकौली, हाल निवासी सीएचसी कस्बा व थाना बीबीनगर का नाम सामने आया।
घटना का खुलासा करने वाली टीम को आईजी जोन (मेरठ) ने 50 हजार रुपये बतौर इनाम देने की घोषणा की है।