कंझावला इलाके में ईद के बाद कुर्बानी के कचरे को फेंकने जा रहे दो लोगों को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया गया। आरोप है कि हमलावरों ने बीफ होने के शक में पीड़ितों पर हमला किया था।
घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी फरार हो गए। घटना की जानकारी के बाद इलाके में दो समुदायों के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। जिसे देखते हुए वहां भारी संख्या में पुलिसबल तैनात कर दिया गया है।
बृहस्पतिवार को पुलिस ने हमला करने वाले चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। घायलों का संजय गांधी अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस के अनुसार, घायलों की पहचान हाफिज अब्दुल खालिद (28) और अली हसन (40) के रूप में हुई है। अली हसन पेशे से ड्राइवर है।
जबकि हाफिज अब्दुल खालिद किराड़ी प्रेम नगर स्थित मदरसे में बच्चों को तालीम देता है। बुधवार दोपहर ईद पर कुर्बानी देने के बाद देर शाम वे कचरे को टैंपो में लादकर मुंडका रोहतक रोड से रानी खेड़ा की तरफ जा रहे थे।
मदरसे के टीचर पर हमला होने पर माहौल हुआ तनावपूर्ण
पुलिस
- फोटो : file photo
इसी दौरान दो युवकों ने टैंपो रुकवा लिया। एक उनसे पूछताछ करने लगा जबकि दूसरे युवक ने फोन कर अन्य सहयोगियों को बुला लिया। कुछ ही देर में कार सवार दर्जन भर लोग वहां पहुंचे और टैंपो में बीफ होने के शक के चलते दोनों की पिटाई शुरू कर दी।
पीड़ितों ने बताया कि उन लोगों ने बोरी को खोलकर भी आरोपियों को दिखाया लेकिन वे कुछ भी सुनने के लिए तैयार नहीं थे। इसी बीच किसी ने घटना की जानकारी पुलिस को दे दी। पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही सभी आरोपी फरार हो गए।
पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। इस बीच पीड़ित के परिवार वालों व अन्य लोगों को घटना की जानकारी मिली। मदरसे के टीचर पर हमला होने को लेकर वहां माहौल तनावपूर्ण हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए इलाके में भारी संख्या में पुलिसबल को तैनात कर दिया गया है।
पुलिस ने मामले पर कार्रवाई करते हुए रानीखेड़ा निवासी नवीन, राजू, देवेश और रसूलपुर निवासी अभिषेक को गिरफ्तार कर लिया और फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।