एसआई नरेन्द्र सेहरावत को सूचना मिली थी कि सागर उर्फ सूरज व संजय मन्नू उर्फ वेदराम नामक बदमाश चोरी के सामान को बेचने विजय विहार पेट्रोल पंप के पास आएंगे। पुलिस टीम ने यहां घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया।
इनके कब्जे से चोरी की छह कार, दो एलसीडी, चोरी के तीन मोबाइल फोन व कैश आदि बरामद किया गया है। इन्होंने हाल ही में डा. बीआर अंबेडकर अस्पताल, रोहिणी से एक पुलिस ऑफिसर की कार चुराई थी।
आरोपियों ने बताया कि वह यू ट्यूब देखकर मौजमस्ती के लिए कार चोरी करते थे। ये उन्हीं कारों को चुराते थे जो पुरानी चाबी या फिर स्केल से खुल जाए। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से सेंधमारी व वाहन चोरी के 22 मामलों को सुलझाने का दावा किया है।
सागर के खिलाफ पहले से 57 अपराधिक मामले दर्ज हैं। सागर पहली बार वर्ष 2007 में गिरफ्तार हुआ था। इसके बाद ये दो बार और गिरफ्तार हुआ था मगर इसने अपराधिक वारदातें करना बंद नहीं किया। संजय ने चोरी करने का तरीका तिहाड़ जेल में सीखा था।