निवाड़ी रोड स्थित विद्या नशा मुक्ति केंद्र में एकाएक दो लोगों की मौत से हंगामा खड़ा हो गया है। मृतकों के शरीर पर चोटों के निशान मिले हैं। परिजनों का आरोप है कि संचालक ने अपने साथियों संग बेरहमी से पिटाई कर दोनों की हत्या कर दी।परिजनों और ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए केंद्र पर किया।
मृतकों में एक मोदीनगर तो दूसरा देहरादून का रहने वाला है। पुलिस संचालक समेत तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। केंद्र में मौजूद सात मरीजों के शरीर पर भी चोट के निशान मिलने से वहां की गतिविधियों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
गुलावठी के एक केंद्र में भी एक मरीज की हत्या की बात सामने आई है। आरोप है कि उस मरीज को छत से धक्का दिया गया। हालांकि केंद्र के लोग इसे हादसा करार दे रहे हैं। जिस केंद्र में छत से गिरकर मरीज की मौत हुई उसी केंद्र संचालक को बाद में पीटकर मौत के घाट उतारा गया। फिलहाल दो केंद्रों पर कुछ घंटों के भीतर तीन मौतों से सनसनी फैल गई है।
मुरादनगर रावली रोड निवासी देवेंद्र विद्या नशा मुक्ति केंद्र चलाता है। तिबड़ा के रहने वाले दीपांशु ने बताया कि उसके पिता प्रमोद (45) नशे के आदी थे। इसके चलते कई साल पहले प्रमोद का इलाज इसी केंद्र में हुआ था। बाद में प्रमोद ने गुलावठी में अपना खुद का नशा मुक्ति केंद्र खोल लिया।
प्रमोद के साथ देहरादून प्रेमनगर का रहने वाला सुशील (50) भी साथ मिलकर केंद्र चला रहा था। दीपांशु के मुताबिक, बृहस्पतिवार रात करीब दो बजे विद्या नशा मुक्ति केंद्र चलाने वाले देवेंद्र ने मुझे फोन कर बताया कि आपके पिता जख्मी हैं और उनकी हालत खराब है।
इसके बाद परिजन देवेन्द्र के केंद्र पर पहुंचे और प्रमोद को अस्पताल ले गए जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। दीपांशु ने शुक्रवार सुबह कोतवाली में संचालक देवेंद्र एवं उसके तीन साथियों पर मारपीट कर पिता प्रमोद की हत्या का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज करा दी।
पुलिस मामले में पूछताछ ही कर रही थी कि दोपहर तीन बजे केंद्र में प्रमोद के साथ रहे सुशील की मौत की खबर आ गई। मौके पर पुलिस व तिबड़ा के लोग पहुंच गए। लोगों ने वहां हंगामा किया। प्रमोद के घरवालों का आरोप है कि देवेंद्र ने साथियों संग मिलकर उनकी हत्या की।
वहीं पता चला कि प्रमोद और सुशील के केंद्र से दो लोग भाग गए थे। उन्हें पकड़ने के दौरान प्रमोद और सुशील की उनसे मारपीट हुई। जिसमें एक की मौत हो गई और दूसरे की हालत गंभीर हो गई। सुशील और प्रमोद जख्मी शख्स को लेकर मेरठ पहुंचे जहां लोगों ने दोनों की धुनाई की।
इसके बाद प्रमोद और सुशील अपने पुराने केंद्र पर देवेंद्र के पास पहुंचे थे। वहां क्या हुआ यह रहस्य है। बकौल एसओ निवाड़ी एस के जैदी संचालक समेत तीन लोगों से पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा केंद्र में मौजूद गोविंदपुरी निवासी सचिन एवं तिबड़ा रोड के मुकेश समेत सात मरीजों के शरीर पर भी चोट के निशान हैं।
मरीज की मौत का तीसरा मामला गुलावठी-हापुड़ मार्ग स्थित नशा मुक्ति केंद्र का है। यहां दीपक नामक मरीज की मौत हुई है। मृतक दीपक के चाचा योगेंद्र पाल ने बताया कि दीपक को शराब की लत थी। उन्हें मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया।
नौ अप्रैल की रात दीपक और अन्य चार युवकों को केंद्र की छत से धक्का दिया गया। मेरठ के अस्पताल में इलाज के दौरान दीपक की मौत हो गई।