गुरुग्राम में घर में घुसकर विवाहिता पर तेजाब डालकर झुलसा देने के बहुचर्चित मामले में बुधवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विवेक सिंघल की अदालत ने मामले को जघन्य अपराध की श्रेणी में मानते हुए दोनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।
साथ ही दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी किया। जुर्माने का भुगतान न किए जाने पर दो वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अदालत ने अपने फैसले में जेल अधीक्षक को आदेश दिए हैं कि सजा के दौरान जेल में दोनों दोषी जो मेहनत मजदूरी करेंगे, उससे प्राप्त धनराशि का 60 फीसदी पीड़िता को भुगतान किया जाएगा।
सरकारी वकील प्रवेश बागड़ी ने बताया कि दिसंबर 2014 में पालम विहार क्षेत्र में विवाहिता के घर में घुसकर उसके ऊपर तेजाब फेंक दिया गया था, जिससे वह बुरी तरह से झुलस गई थी। उसे उपचार के लिए कई माह अस्पताल में भी रहना पड़ा था। इस मामले में पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत तीन आरोपियों आरिफ, आजाद व राजा के खिलाफ केस दर्ज करने के साथ ही उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
इस मामले में पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सामाजिक संस्था फरिश्ते ग्रुप के अधिवक्ता कुलभूषण भारद्वाज एवं डॉ. अंजू रावत नेगी ने अदालत में अभियोजन पक्ष के साथ मामले की पैरवी की। न्यायाधीश ने सुबूतों व गवाहों के आधार पर आजाद व राजा को पिछले सप्ताह दोषी करार दिया था। इस मामले में आरोपी आरिफ को सबूतों व गवाहों के अभाव में बरी कर दिया गया था।