अगर यह वैक्सीन बीमारी होने के बाद दिया जाता है तो जहर की तरह काम करने लगता है। इसके चलते उनकी मौत तक हो सकती है। त्यागी का आरोप है कि जब एक दो गायें बीमार होने लगीं तो पास में ही सरकारी पशु चिकित्सालय जाकर चिकित्सक से संपर्क किया।
लेकिन वहां उनकी सुनवाई नहीं हुई। कुछ दिन बाद वे फिर से वहां गए तो डॉक्टर ने एसएमडी वैक्सीन उन्हें पकड़ाते हुए कहा कि जाकर गायों को लगा दो।
बीमारी से तड़पती गायों को देख परेशान त्यागी ने वैक्सीन लगा दिया। इसके बाद गायों की हालत बिगड़ने लगी और एक-एक करके उनकी मौत का सिलसिला शुरू हुआ।
त्यागी बताते हैं कि वैक्सीन लगाने के बाद जब गायों की तबीयत बिगड़ने लगी तो वे निजी पशु चिकित्सक के पास पहुंचे तो चिकित्सक ने बताया कि इस वैक्सीन को बीमारी होने के बाद देने पर जानलेवा हो जाता है।
चारों ओर दहशत, गायों को बचाने में लगे
बुराड़ी की इस घटना ने चारों ओर दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। लोगों में लगातार हो रही गायों की मौत को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं और खौफ देखने को मिल रहा है। कुछ लोग इसे संक्रमण बता रहे थे तो कुछ लोग गायों को जानबूझकर मारने की चर्चा कर रहे हैं।
सैंपल की जांच के बाद होगा खुलासा
पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. जितेंद्र गौड़ का कहना है कि कुछ समय पहले भी इसी तरह से मवेशियों की मौत हुई थी। अभी फिलहाल कुछ भी नहीं कह सकते। इस मामले की जांच के लिए सैंपल मंगाए हैं। लैब में इनकी जांच और उसकी रिपोर्ट आने के बाद ही वैक्सीन से मौत होने या नहीं होने की सच्चाई पता चलेगी। सोमवार शाम तक इन गायों की रिपोर्ट हाथ लग जाएगी।