दिल्ली के नंद नगरी इलाके में सोमवार देर रात एक सनकी दामाद ने सोते समय सिल-बट्टे और डंडे से वारकर अपने ससुर, साले और साढ़ू की हत्या कर दी। हमले में एक और साढ़ू व साले का नाबालिग बेटा बुरी तरह जख्मी हो गया। मृतकों की शिनाख्त ससुर राम किशन (60), साले राजू (26) और साढ़ू किरणपाल (30) के रूप में हुई है। घायल दूसरे साढ़ू तरुण (28) और साले के बेटे करण (15) का जीटीबी अस्पताल में इलाज जारी है, जहां दोनों की हालत भी नाजुक बताई जा रही है।
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रात में अचानक ही राजेश ने हमला शुरू कर दिया
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वारदात के बाद आरोपी अलवर निवासी राजेश (40) ने दूसरी मंजिल से कूदकर भागने का प्रयास किया, लेकिन लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। भागने के चक्कर में राजेश बुरी तरह जख्मी हो गया। आशंका व्यक्त की जा रही है कि वारदात को अंजाम देने से पूर्व आरोपी ने या तो खाने में कुछ मिलाया था या फिर पीड़ितों को कुछ नशीला सुंघाया गया। फिलहाल नंद नगरी पुलिस मामला दर्ज कर छानबीन कर रही है।
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पुलिस के मुताबिक रामकिशन अपने परिवार के साथ ई-4/88 नंद नगरी में रहता था। इसके परिवार में पत्नी बीना के अलावा चार बेटे मन्नू, रवि, गोविंदा और राजू था। इसके अलावा इसकी तीन शादीशुदा बेटियां राखी, आशा और प्रिया है। रामकिशन एमसीडी में सफाई कर्मचारी से रिटायर था। रामकिशन ने अपनी बड़ी बेटी राखी की शादी लाल खान मोहल्ला, अलवर निवासी राजेश से हुई थी।
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वहीं छोटी बेटी की शादी भी अलवर निवासी तरण से हुई थी। मंझली बेटी आशा व उसका पति किरणपाल रामकिशन के घर के पास ही रहता था। सोमवार दिन में राजेश घरेलू विवाद के चलते अपने आदित्य को लेकर अलवर से दिल्ली आ गया। वहीं उसके पीछे ही राजेश की पत्नी राखी अपने दो और बच्चों विनित और अंजलि को लेकर अपने छोटे जीजा तरण के साथ दिल्ली अपने घर आ गई।
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रात के समय पूरा परिवार घर में इक्ठ्ठा था। राजेश ने बातचीत करने के लिए अपने मंझले साढू़ किरणपाल को भी घर बुलाया हुआ था। बातचीत करने के बहाने आरोपी ने किरण को रात को रुकने के लिए तैयार कर लिया। खाना खाकर देर रात को पूरा परिवार दूसरी मंजिल स्थित छत पर सोने चला गया। आरोप है कि रात करीब 1.30 राजेश ने डंडे और सिज-बट्टे से सोते हुए पूरे परिवार पर हमला कर दिया। हमला करने के बाद आरोपी बराबर में रामकिशन के बड़े भाई ब्रहमप्रकाश की पहली मंजिल स्थित छत पर कूद गया। वहां से वह गली में कूदा तो लोगों ने उसे पकड़ा।
शुरूआत में किसी को कुछ पता नहीं चला। शोर-शराबे के बीच परिवार के बाकी सदस्य जब ऊपर पहुंचे तो उनके होश उड़ गए। रामकिश, राजू, किरणपाल, तरुण और करण खून से लथपथ पड़े थे। घायलों को जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां रामकिशन, उसके बेटे राजू और दामाद किरणपाल को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं राम किशन के छोटे दामाद तरुण और पोते/पुत्र मन्नू, करण की हालत नाजुक बनी हुई है। सभी के सिर में गंभीर चोट है। इधर कूदने के चक्कर में राजेश के सिर पर टांगे में गंभीर चोट लगी है, वह भी पुलिस की कस्टडी में जीटीबी अस्पताल में भर्ती है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
शुरूआती जांच के बाद पारिवारिक कलह का मामला लग रहा है, हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया गया है, आरोपी फिलहाल पुलिस की कस्टडी में जीटीबी अस्पताल में भर्ती है।-डॉ.अजीत कुमार सिंगला, डीसीपी उत्तर-पूर्वी जिला