उत्तर-पश्चिमी जिले के आदर्श नगर थाने में जबरन वसूली करने वाले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इनमें एक हवलदार व दो सिपाही शामिल हैं। जबरन वसूली का मामला दर्ज होने के बाद तीनों पुलिसकर्मी फरार हो गए। इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा रही है। इन पुलिसकर्मियों ने व्यवसायी से 1.20 लाख रुपये ऐंठ लिए थे।
उत्तर-पश्चिमी जिला डीसीपी मिलिंद डुमबेरे के अनुसार जनकपुरी निवासी सुभाष पहूजा(58) अपनी कार से 22 नवंबर को मुकरबा चौक होते हुए वजीराबाद जा रहे थे। जब वह आदर्श नगर मेट्रो स्टेशन केपास पहुंचे तो ट्रैफिक पुलिसकमयों ने चेकिंग केलिए उनकी कार रोकी। सुभाष जब चालान की राशि कार के डेसबोर्ड से निकालने लगे तो उसी समय ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने उसकी कार में 500-500 रुपये की दो गड्डियां देख लीं।
कार में गड्डी देखकर सिपाही मनोज व प्रदीप ने कार में चेकिंग करना शुरू कर दिया। जब सुभाष ने इसका विरोध किया तो दोनों सिपाहियों ने कार को जब्त करने की धमकी दी। सुभाष के पास एक लाख 20 हजार रुपये थे। एक लाख रुपये 500 के पुराने नोटों में थे,जबकि 20 हजार 100 के नोटों में थे। इस समय हवलदार सुरेश चंद मौके पर पहुंच गया। तीनों पुलिसकर्मियों ने कुछ बात की।
इसके बाद सिपाही मनोज व प्रदीप सुभाष की कार में बैठ गए और उसका मोबाइल ले लिया। मोबाइल से सिम निकालकर बाहर फेंक दिया। सिपाही उसे धमकाने लगे कि पुराने नोट रखने पर सात वर्ष की सजा है। दोनों सुभाष पर पैसे देने के लिए दवाब बनाने लगे।
सुभाष पुलिसकर्मियों से आग्रह करने लगा कि वह ये पैसे नौ दिसंबर को होने वाली भतीजे की शादी के लिए ले जा रहा है। उसने पुलिसकर्मियों ने पैसे न लेने का आग्रह किया। सिपाही सुभाष को आईटीओ की तरफ ले गए। दो घंटे घुमाने केबाद सिपाहियों ने सुभाष से सारे पैसे लेकर उसे छोड़ दिया।
पुलिसकर्मियों ने सुभाष के पैसे लौटाए
इसके बाद परेशान सुभाष आजादपुर चौक पहुंचा। यहां उसे दोनों आरोपी पुलिसकर्मी मिल गए। यहां सुभाष ने आरोपी पुलिसकर्मियों को भतीजे की शादी का कार्ड दिखाया और पैसे वापस देने के लिए कहा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी दोनों पुलिसकर्मियों ने सुभाष को सारे पैसे लौटा दिए थे। हालांकि पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी पुलिसकर्मियों ने सुभाष को कुछ ही रकम लौटाई थी। सुभाष ने 23 नवंबर को इसकी शिकायत आदर्श नगर थाने में की। सुभाष की शिकायत पर हवलदार सुरेश चंद, सिपाही मनोज व प्रदीप के खिलाफ जबरन वसूली व अपराधिक षडयंत्र का मामला दर्ज किया गया है। तीनों पुलिसकर्मी ट्रैफिक पुलिस के मॉडन टॉउन सर्किल में तैनात था।