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अध्यापिका ने छात्र को बेरहमी से पीटा, कान का पर्दा फटा

Sun, 15 May 2016 09:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
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स्कूल जहां हुई छात्र की पिटाई - फोटो : अमर उजाला
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शहर के  एक निजी स्कूल में  पढने वाले छात्र की अंग्रेजी अध्यापिका ने किसी बात को लेकर पिटाई कर दी। अध्यापिका ने छात्र को इतनी तेज थप्पड़ मारा कि छात्र के कान का पर्दा फट गया। छात्र के पिता की शिकायत पर पर सिटी थाना पुलिस ने अध्यापिका के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
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अध्यापिका को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। घटना 22 अप्रैल की बताई जा रही है। कानूनी राय के बाद छात्र के पिता की शिकायत पर मामला अब दर्ज किया गया है। होंडा कंपनी में कार्यरत छात्र के पिता का आरोप है कि स्कूल अध्यापिका की पिटाई से उनके बेटे के बाएं कान का पर्दा फट गया है।

शिवाजी पार्क निवासी ऋषिपाल का 14 वर्षीय बेटा उमेश कुमार शिव नगर स्थित शारदा इंटरनेशनल स्कूल में 8वीं कक्षा में पढ़ता है। पुलिस को दी गई शिकायत में ऋषिपाल ने बताया है कि 22 अप्रैल को उनका बेटा स्कूल गया था।
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डॉक्टर के पास ले गए तो पता चला कि उमेश के कान का पर्दा फट गया है

जहां किसी बात को लेकर अंग्रेजी अध्यापिका रीता ने उसकी पिटाई कर दी। इस दौरान टीचर ने उमेश के बाएं कान पर थप्पड़ लगा दिया। जिससे उसके  कान का पर्दा फट गया। घर जाकर छात्र ने घटना की जानकारी परिजनों को दी।

पिता का आरोप है कि कान पर थप्पड़ मारने से उमेश को तकलीफ होने लगी और जब वे उसे जांच के लिए डॉक्टर के पास ले गए तो पता चला कि उमेश के कान का पर्दा फट गया। इसके बाद छात्र के पिता ने टीचर पर आरोप लगाते हुए सिटी थाना में लिखित शिकायत दी। सिटी थाना प्रभारी का कहना है कि छात्र के पिता की शिकायत पर कानूनी राय के बाद अध्यापिका के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

क्या कहता है कानून
नियमों के मुताबिक, कोई अध्यापक किसी छात्र की पिटाई नहीं कर सकता। अगर वह ऐसा करता है तो यह अपराध माना जाता है। सीबीएसई समय समय पर स्कूलों को आगाह भी करती रहती है। शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) की धारा 17 (1) में इस बात का स्पष्ट उल्लेख है। इसके अनुसार किसी भी बच्चे को किसी भी तरह का शारीरिक या मानसिक दंड नहीं दिया जा सकता। 

धारा 17 (2) में उच्च अधिकारियों को विशेष रूप से हिदायत दी गई है कि इस नियम का उल्लंघन करने वाले शख्स अथवा संस्थान के प्रमुख पर कार्रवाई की जाए। इसके अलावा अगर किसी छात्र के साथ स्कूल में इस तरह की घटना होती है तो उसके माता-पिता बाल कल्याण विभाग व पुलिस से भी इसकी शिकायत कर सकते हैं।
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