पुलिस के मुताबिक, चालक लकी सैनी खुर्जा के अंबेडकर नगर निवासी मरीज व तीमार को दिल्ली के तेग बहादुर अस्पताल छोड़कर वापस लौट रहा था।
बताया गया है कि लकी ने गाजियाबाद के लाल कुआं पर खड़े चार लोगों को एंबुलेंस में लिफ्ट देकर बैठा लिया। जब चालक लकी सैनी रात लगभग दो बजे बादलपुर कोतवाली क्षेत्र के जीटी रोड पर केआरबीएल कंपनी के पास पहुंचा तो बैक हो ट्राले ने एंबुलेंस में टक्कर मार दी।
हादसा इतना भीषण था कि दो लोग एंबुलेंस से बाहर आकर सड़क पर गिर पड़े और एंबुलेंस में आग लग गई। चंद सेकेंड में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
कार में मौजूद चालक लकी व दो अन्य सवार आग में जिंदा जल गए और उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद चालक ट्राला छोड़कर भाग गया। हादसे और आग लगने से एंबुलेंस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
पुलिस का कहना है कि एंबुलेंस में सीएनजी सिलेंडर लगा था। हादसे में सड़क पर गिरकर घायल हुए युवक की पहचान मणिक पुत्र श्रीपाल निवासी जेवर अड्डा, खुर्जा और श्रीनंद मौर्य निवासी वासरी, बलिया के रूप में हुई।
गाजियाबाद से अलीगढ़ जाने वाले एनएच-91 पर भारी ट्रैफिक रहता है। मंगलवार रात हादसे के बाद यहां एंबुलेंस और उसमें सवार तीन लोग जिंदा जलते रहे और मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगती चली गई।
आग इतनी भीषण थी कि कोई सवारों को बचाने का प्रयास नहीं कर पाया। सूचना पर पुलिस व दमकल विभाग मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
मृतकों की पहचान का प्रयास जारी
बादलपुर कोतवाली प्रभारी मुकेश कुमार का कहना है कि एबुलेंस खुर्जा की है। खुर्जा के लोग एंबुलेंस से दिल्ली के अस्पताल गए थे। वहां से चालक अकेला एंबुलेंस लेकर लौट रहा था।
लाल कुआं पर चालक ने सवारियों को बैठा लिया। चालक की पहचान कर ली गई है, दो की पहचान का प्रयास किया जा रहा है।