दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली व एनसीआर में नकली नोट के सप्लायर को उसके सहयोगी के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सप्लायर नरेंद्र उर्फ सेक्रेट्ररी(42) निवासी इंद्रा कालोनी रोहतक हरियाणा को बहादुरगढ़ दिल्ली बॉर्डर पर स्थित एमडीआर पब्लिक स्कूल के पास से दबोचा, जबकि उसके सहयोगी सज्जन शर्मा(32) निवासी जनता कालोनी सूर्या चौक, रोहतक हरियाणा को झड़ोदाकलां रोड से गिरफ्तार किया है।
इनके पास से तीन लाख रुपये कीमत के नकली नोट मिले। पूछताछ में खुलासा हुआ कि नकली नोट बंगलादेश बॉर्डर के जरिए भारत में लाए गए थे और इसे दिल्ली व एनसीआर में ऊंचे दाम में बेचा जा रहा था।
स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त प्रमोद सिंह कुशवाह ने बताया कि मंगलवार को सेल की टीम को सूचना मिली कि नकली नोट का सप्लाई करने वाला सज्जन शर्मा आई 20 कार से झरोदाकलां रोड पर आने वाला है। टीम ने वहां घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया।
उसके पास से दो लाख रुपये कीमत के नकली नोट मिले। सभी नोट हजार रुपये के थे। सज्जन ने पूछताछ में बताया कि रोहतक निवासी नरेंद्र से नकली नोट बेचने वाले गिरोह का सरगना है। उसने बताया कि नरेंद्र ने उसे दो लाख रुपये बेचने के लिए दिये थे।
फिलहाल वह बहादुरगढ दिल्ली बॉर्डर पर स्थित एक स्कूल के पास मौजूद है। पुलिस टीम ने नरेंद्र को गिरफ्तार करने का फैसला किया। पुलिस ने पकड़े गए बदमाश सज्जन को लेकर वहां पहुंची और उसके निशानदेही पर स्कूल के बाहर खड़े आरोपी को दबोच लिया। उसके पास से पुलिस को एक लाख रुपये कीमतञ के नकली नोट मिले।
पूछताछ में ख:ुलासा हुआ कि गिरोह का सरगना नरेंद्र है और वह फरक्का मालदा पश्चिम बंगाल निवासी समायूल की मदद से नकली नोट का कारोबार करता है। समायूल बंगलादेश बॉर्डर से नकली नोट को भारत में लाता है और उसे नरेंद्र तक पहुंचाता है। नरेंद्र अपने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर इसे दिल्ली व एनसीआर में बेचता है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।
सवा लाख रुपये में बेचे जाते हैं दो लाख रुपये के नकली नोट
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पुलिस के गिरफ्त में आए सज्जन ने पूछताछ में बताया कि दो लाख के नकली नोट को उसे सवा लाख रुपये में बेचना था। खरीददार से मिले सवा लाख रुपये में एक लाख उसे नरेंद्र को देने थे जबकि 25 हजार रुपये अपने पास रखने थे।
दोनों बदमाशों पर दर्ज हैं कई अपराधिक मामले
पुलिस के अनुसार नरेंद्र पर 15 अपराधिक मामले दर्ज हैं। जिसमें डकैती, लूट, जेल से भागना, नकली नोट और दिल्ली व हरियाणा में चंदन की लकड़ी का सप्लाई करना शामिल हैं। दो मामलों में उसे सजा मिल चुकी है।
वर्ष 1998 में रोहतक के एक इलेक्ट्रॉनिक कारोबारी से पिस्टल के बल पर पौने दो लाख रुपये लूटकर उसने अपराधिक वारदात की शुरूआत की थी। उसके बाद उसने कर्ई लूटपाट व डकैती की वारदातों को अंजाम दिया।
2002 में उसने जिंद फाटक रोहतक में पुलिस टीम पर गोली चला दी थी। 2005 में कार लूट के एक मामले में उसे दस साल की सजा सुनाई गई। 2009 में पेरोल पर निकलने के बाद उसने वाली जेल राजस्थान से अपने सहयोगी पालदी गांव निवासी सुनील सहित तीन लोगों को पिस्टल के बल पर छुड़ा लिया था।
2015 में रोहतक सिटी पुलिस ने उसे छह करोड़ रुपये कीमत के चंदन की लकड़ी के साथ गिरफ्तार किया। उसके बाद उसने नकली नोट का धंधा करना शुरू कर दिया। 2015 में हिसार, फरीदाबाद और रोहतक पुलिस ने नकली नोट के साथ गिरफ्तार किया था। वहीं सज्जन पर रोहतक में पड़ोस की महिला से दुष्कर्म और दादरी में एक कारोबारी पर गोली चलाने का मामला दर्ज है।