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ई-रिक्शा चालक की हत्या मामला: एक नाबालिग समेत डीयू के दो छात्र गिरफ्तार 

Thu, 01 Jun 2017 11:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हत्या की गुत्थी सुलझी,
नोट: खबर मुजफ्फरनगर के लिए भी उपयोगी है-----
लघुशंका के विरोध में      
हत्या की गुत्थी सुलझी, एक नाबालिग समेत डीयू के दो छात्र धरे
-दिल्ली पुलिस ने मुजफ्फरनगर से आरोपियों को दबोचा, साथियों के साथ मिलकर की थी ई-रिक्शा चालक की पिटाई      
-गमछे में पत्थर बांधकर आरोपियों ने बुरी तरह पीटा था, पिटाई से ई-रिक्शा चालक रविंद्र की हो गई थी मौत      
-शराब की दुकान व 299 छात्रों की छानबीन बाद आरोपियों तक पहुंची पुलिस, छानबीन जारी      
-पांच अन्य आरोपियों की पुलिस को तलाश, पुलिस तलाश में कर रही छापेमारी      
अमर उजाला ब्यूरो      
नई दिल्ली, 31 मई  
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विस्तार
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मुखर्जी नगर इलाके में लघुशंका को लेकर ई-रिक्शा चालक रविंद्र (32) की पीट-पीटकर हत्या करने की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने इस संबंध में एक नाबालिग समेत दो लड़कों को यूपी के मुजफ्फरनगर से पकड़ा है।
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पकड़े गए आरोपी की पहचान शेखर कपासिया (19) के रूप में हुई है। दोनों लड़कों ने अपने साथियों के साथ मिलकर ई-रिक्शा चालक द्वारा अपमान करने का बदला लेने की नियत से उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। यह मामला स्वच्छता अभियान से जुड़ गया था।

 वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे। दोनें ही आरोपी डीयू के छात्र हैं। पुलिस को मामले में अभी पांच और आरोपियों की तलाश है। उनकी तलाश में पुलिस दिल्ली-एनसीआर समेत यूपी के अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर रही हैं। बता दें कि रविंद्र की हत्या के बाद उसकी मौत को स्वच्छ भारत से जोड़कर देखते हुए प्रधानमंत्री, केंद्रीयमंत्री व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुआवजा देने की घोषणा की थी।
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उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त मिलिंद महादेव डुंबरे ने बताया कि 27 मई दोपहर को ई-रिक्शा चालक रविंद्र जीटीबी नंबर मेट्रो स्टेशन के पास खड़ा था। इसी दौरान आरोपी शेखर व उसका नाबालिग दोस्त बीयर की बोतल लेकर ई-रिक्शा में सवार हुए।

दोनों रास्ते में लघुशंका के लिए उतरे, रविंद्र ने इसका विरोध किया तो दोनों के बीच तू-तू-मैं-मैं हो गई। बाकी लोगों ने शांत करा दिया। इधर, आरोपी पेपर देने चले गए। रात के समय आरोपियों ने जीटीबी नगर मेट्रो स्टेशन के पास मिलकर रविंद्र पर गमछे में पत्थर बांधकर हमला कर दिया। बाद में सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। रविंद्र की तबीयत बिगड़ी। उसे भाई अस्पताल ले गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
 
पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को जीटीबी नगर मेट्रो स्टेशन के पास सरकारी शराब के ठेके की सीसीटीवी फुटेज मिली। उसके आधार पर पुलिस को कुछ सुराग मिले। लेकिन फुटेज साफ नहीं थी।

इधर, जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी किरोड़ीमल कॉलेज में परीक्षा देने आए थे। उसी आधार पर पुलिस ने छानबीन की। जांच के दौरान नाबालिग के मोबाइल नंबर का पता चला। वारदात के बाद से उसका मोबाइल नंबर बंद था।

पुलिस टेक्नीकल सर्विलांस के आधार पर आरोपी की तलाश करते हुए मुजफ्फरनगर पहुंच गई। वहां से नाबालिग व आरोपी शेखर को दबाचे लिया। पूछताछ के दौरान दोनों हत्या में अपना हाथ होने की बात को कबूल लिया। दोनों ने बताया कि उन्होंने पांच अन्य साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था।      

पकड़े गए दोनों आरोपी डीयू के छात्र...
पुलिस के मुताबिक शेखर डीयू के अरबिंदो कॉलेज में बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र है। वहीं पकड़ा गया नाबालिग एसओएल राजनीति शास्त्र से बीए प्रथम वर्ष का छात्र है। दोनों मुजफ्फर नगर के एक ही गांव के रहने वाले हैं। नाबालिग दिल्ली के विजय नगर इलाके में रहता है।

वहीं शेखर संत नगर इलाके में रहता है। घटना वाले दिन नाबालिग का किरोड़ीमल कॉलेज में पेपर था। पेपर देने से पूर्व शेखर व नाबालिग ने बीयर खरीदकर की। इसी दौरान उनका रविंद्र से झगड़ा हो गया। झगड़े में रविंद्र ने दोनों की बेईज्जती कर दी। जिसके बाद शाम के समय दोनों ने उसे सबक सिखाने की नियत से उसकी हत्या कर दी।       

299 छात्रा की पड़ताल कर आरोपियों तक पहुंची पुलिस...
पुलिस के मुताबिक आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करना पड़ी। वारदात वाले दिन पुलिस ने जीटीबी नगर मेट्रो स्टेशन के आसपास उस समय की मोबाइल कॉल डिटेल निकाली। इसके अलावा पुलिस को बस यह पता था कि वारदात में शामिल लड़के एग्जाम देने आए हैं, उसके आधार पर पुलिस ने किरोड़ीमल कॉलेज में उस दिन जिन छात्रों का एग्जाम था उनका पता किया।

उसके बाद एक-एक कर सभी छात्रों की जानकारी निकाली तो पता चला कि नाबालिग छात्र अपने दिल्ली के घर से गायब है और उसका मोबाइल भी बंद आ रहा है। उसके आधार पर पुलिस नाबालिग, बाद में शेखर तक पहुंची। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वारदात के बाद उन लोगों ने अपने मोबाइल सिम तोड़कर फेंक दिए थे और वह अपने गांव आ गए थे।      

पकड़े गए दोनों आरोपी सुना रहे उल्टी कहानी...
पुलिस सूत्रों की मानें तो पकड़े गए दोनों आरोपी बिल्कुल उल्टी कहानी बता रहे हैं। उनका कहना है कि घटना वाले दिन रविंद्र ई-रिक्शा रोककर पेशाब कर रहा था। दोनों ने इसका विरोध किया तो वह उनसे बदसलूकी करने लगा। विरोध करने पर उसने एक आरोपी को पीट भी दिया। जिसके बाद उन्होंने उससे बदला लेने की ठान ली।

पेपर होने के बाद नाबालिग व शेखर शाम को मिले। शेखर ने अपने दोस्तों को कॉल कर दी। जिसके बाद आरोपी के चार-पांच दोस्त आ गए। रात के समय आरोपियों ने जीटीबी नगर मेट्रा स्टेशन के पास रविंद्र की पिटाई कर हत्या कर दी। हालांकि मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी खुद को बचाने के लिए उल्टी कहानी सुना रहे हैं। पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।
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