थाना सेक्टर-39 पुलिस ने कार चोरी के अंतरराज्यीय गिरोह के छह बदमाशों सोमवार शाम एक्सप्रेसवे के नजदीक स्थित हाजीपुर गांव के पास से गिरफ्तार किया है। इनसे चोरी की सात लग्जरी कार बरामद हुई हैं। गिरोह अब तक 1000 से ज्यादा कारें चोरी कर पूर्वोत्तर के राज्य असम और मेघालय आसपास बेच चुका है। गिरोह के सदस्य की (चाबी) प्रोग्रामर के जरिये किसी भी कार को दो मिनट में चोरी कर लेते हैं। कार में लगे जीपीएस को फेल करने के लिए गिरोह जैमर का इस्तेमाल करता है। पुलिस को अब इस गिरोह के पांच सदस्यों की तलाश की जा रही है।
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एसएसपी लव कुमार ने बताया कि गिरफ्तार चोरों की पहचान सुरीर मथुरा निवासी सगे भाई रवि उर्फ भूप सिंह (12वीं पास) व विपिन (8वीं पास), जसवंतनगर इटावा निवासी सर्वेश (12वीं पास), बयाना भरतपुर राजस्थान निवासी सुजान (8वीं पास) व लक्ष्मी नारायण (12वीं पास) और मुरैना मध्यप्रदेश निवासी गौरव तोमर (बीटेक) के रूप में हुई है। गौरव ग्वालियर से बीटेक की पढ़ाई कर रहा था।
2016 में उसने अंतिम वर्ष में पढ़ाई छोड़ दी थी। पुलिस को इनके पास से चोरी की दो क्रेटा, दो होंडा अमेज, दो होंडा सिटी व एक स्विफ्ट वीडीआई कार समेत भारी मात्रा में फर्जी नंबर प्लेट, आरसी, हाईटेक गाड़ियों की चाबी इंटरनेट के जरिये पेयरिंग कराने वाले दो की प्रोग्राम डिवाइस, 15 मोबाइल फोन, गेयर व हैंडल लॉक आदि काटने के लिए एक बड़ा कटर, हथौड़ी, पेचकस व भारी मात्रा में गाड़ियों के लॉक आदि बरामद हुए हैं।
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बरामद हुई स्विफ्ट वीडीआई कार आगरा में एक शादी में देने के लिए मंडप के पास खड़ी थी। गिरोह ने मंडप के पास से मात्र 120 किमी चली हुई यह स्विफ्ट कार चोरी कर ली थी। इनके फरार साथियों में बी-62 सेक्टर-47 में किराये पर रहने वाला राज भाटिया, जसवंतनगर इटावा निवासी सुबोध, भरतपुर राजस्थान निवासी मोंटू, शहीदनगर सदर बाजार आगरा निवासी राजू शर्मा उर्फ गोली उर्फ सरकार और उत्तरी लखीमपुर असम निवासी रहमान के रूप में हुई है। राज भाटिया व रहमान मास्टरमाइंड हैं।
17 साल से गिरोह सक्रिय, हर माह 12 कारें चुरा लेते थे
बरामद की चोरी की कार
- फोटो : राजन राय
एसएसपी ने बताया कि ये गिरोह 17 साल से कार चोरी कर रहा है। प्रतिमाह ये लोग औसत 10-12 कार चोरी कर लेते हैं। एक वर्ष में ये 100 से ज्यादा कार चोरी कर लेते हैं। गिरोह के सदस्यों को भी सही-सही अंदाजा नहीं है कि वह अब तक कितनी गाड़ियां चोरी कर चुके हैं। एसएसपी ने गिरोह को पकड़ने वाली पुलिस टीम के लिए 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है।
अधिकारी बनकर ले जाते थे चोरी की गाड़ियां
एसएसपी ने बताया कि गिरोह के सदस्य कम पढ़े-लिखे होने के बावजूद बहुत तेज हैं। रवि के पास से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के असिस्टेंट आर्किटेक्ट भूप सिंह नाम का फर्जी पहचान पत्र प्राप्त हुआ है। वह टाई वगैरह पहनकर अधिकारी बन साथियों के साथ चोरी की गाड़ी पूर्वोत्तर ले जाता था। राज भाटिया ड्राइवर और विपिन अगली सीट पर बैठकर सहायक बनता था। इस वजह से न तो इनकी कहीं चेकिंग होती थी और न ही कहीं टोल टैक्स लिया जाता था। रवि सहित गिरोह के कुछ सदस्य फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते हैं।
तिहाड़ और यू-ट्यूब से सीखा चोरी का तरीका
एसएसपी ने बताया कि सगे भाई रवि और विपिन फरार आरोपी राज भाटिया के साथ दिल्ली-एनसीआर से गाड़ियां चोरी करते हैं। सुजान, लक्ष्मी नारायण व मोंटू राजस्थान से गाड़ियां चोरी करते हैं। सर्वेश, सुबोध और गौरव तोमर लखनऊ, कानपुर व इटावा आसपास वाहन चोरी करते हैं। राजू शर्मा उर्फ गोली उर्फ सरकार तीनों गिरोह के बीच समन्वय रखता है। रहमान चोरी की गाड़ियों को पूर्वोत्तर में खपाता है। रवि, विपिन और राज भाटिया दिल्ली की तिहाड़ जेल में वर्ष 2009 में मकोका में गिरफ्तार किए गए थे।
तब तक ये लोग साधारण तरीके से वाहन चोरी करते थे। जेल में इनकी मुलाकात वाहन चोरी के दूसरे मामले में बंद रहमान से हुई थी। साढ़े पांच साल तक जेल में रहने के दौरान तीनों ने रहमान से की प्रोग्राम डिवाइस के जरिये लग्जरी गाड़ियों को चोरी करने का तरीका सीखा। बाहर आकर इन्होंने यू-ट्यूब से डिवाइस का इस्तेमाल सीखा और फिर बड़े पैमाने पर लग्जरी गाड़ियां चोरी करने लगे।
गिरफ्तार रवि ने बताया कि चोरी के वाहन मार्केट में इन दिनों क्रेटा गाड़ी की बहुत मांग है। एक क्रेटा गाड़ी औसत दो लाख रुपये में बिकती है। इसके बाद होंडा सिटी कार मांग में है। वह लोग ऑडी, मर्सडीज, फरारी व बीएमडब्ल्यू जैसी कारें भी चोरी कर सकते हैं, लेकिन ये गाड़ियां बिकती नहीं हैं। इसलिए बहुत महंगी गाड़ी चोरी नहीं करते हैं।
क्रेटा कार खोलने के लिए पुलिस ने कराया डेमो
गिरोह किस तरह से लग्जरी गाड़ियों को चोरी करता है, ये जानने के लिए गिरफ्तार आरोपी रवि द्वारा बरामद क्रेटा गाड़ी पर डेमो कराया गया। रवि ने चंद सेकेंड में उसका गेट खोल दिया। इसके बाद महज दो मिनट में ईसीएम से की प्रोग्राम डिवाइस अटैच कर इंटरनेट के जरिए क्रेटा की रिमोट वाली चाबी से मिलती-जुलती दूसरी चाबी को उससे पेयर कर कार स्टार्ट कर दी।
की प्रोग्रामर डिवाइस का इस्तेमाल सर्विस सेंटर और बड़े गैराज वाले करते हैं। रवि ने बताया कि इंटरनेट पर ये डिवाइस आसानी से उपलब्ध है। उसने भी इंटरनेट से 45000 रुपये में लेटेस्ट डिवाइस खरीदी और फिर यू-ट्यूब से उसका इस्तेमाल सीखा। रवि ने बताया कि उन लोगों के कोई भी गेयर लॉक या हैंडल लॉक कटर से काटने में महज पांच-दस सेकेंड लगते हैं।