दक्षिण-पश्चिमी जिले की द्वारका पुलिस ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह का सुरक्षा अधिकारी बताकर ठगी करने वाले एक जालसाज को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को रिटायर्ड आईपीएएस अफसर का बेटा बताता था और स्कॉर्पियो गाड़ी पर लालबत्ती लगाकर चलता था। आरोपी ने अपनी गाड़ी पर भारत सरकार भी लिखा हुआ था।
पुलिस ने आरोपी के गिरफ्तारी से जालसाजी के कई मामलों को खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने लालबत्ती लगी स्कॉर्पियो को जब्त कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी का पहचान सद्भावना अपार्टमेंट सेक्टर-11 द्वारका निवासी अंचित चावला (42) के रूप में हुई है।
अंचित लोगों को अपना नाम अमरजीत सिंह बरार बताता था और खुद को दिल्ली पुलिस के रिटायर स्पेशल पुलिस आयुक्त का बेटा बताता था। वह लोगों को कहता था कि उसकी ड्यूटी गृहमंत्रालय में है। अंचित के खिलाफ पैसे के लेन-देन को लेकर मलविंदर नामक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी।
अंचित ने पत्नी के साथ मलविंदर के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज करवाने की कोशिश की थी। उसके बाद द्वारका कोर्ट चौकी प्रभारी मुकेश कुमार की टीम ने उसे सोमवार को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। अंचित ने हाल ही में रूस भिजवाने का भरोसा देकर 90 लोगों के एक ग्रुप से 60 लाख रुपये ठग लिए थे। वह ज्वेलर्स व व्यवसायियों से भी ठगी करता था।
बताया जा रहा है कि वह कॉरपोरेट जगत के लोगों को काम करवाने का झांसा देता था। ठगी के गोरखधंधे में उसकी पत्नी भी शामिल है। अंचित ने हिंदू कॉलेज से बीकॉम अच्छे अंकों में पास किया था। आरोपी के खिलाफ दिल्ली, जयपुर और मोहाली में ठगी के मामले दर्ज हैं।