विजयनगर सेक्टर-9 एल ब्लाक में शुक्रवार सुबह अपंजीकृत डॉक्टर राकेश कुमार (48) का शव उनके क्लीनिक में मिला। परिजनों का कहना है कि पंखे से लटककर आत्महत्या की है। पुलिस खुदकुशी की वजह पारिवारिक कलह मान रही है। सुसाइड नोट नहीं मिला है।
पुलिस के मुताबिक, राकेश कुमार पत्नी और दो बेटों के साथ रहते थे। भूतल मकान संख्या 256 में उनका क्लीनिक है, जबकि प्रथम तल पर परिवार रहता है।
शुक्रवार सुबह राकेश का छोटा बेटा शिवम स्कूल गया था, उस वक्त राकेश क्लीनिक की सफाई कर रहे थे। ऊपर कमरे में राकेश की पत्नी और बड़ा बेटा ईशु था।
इस बीच एक मरीज क्लीनिक पर आया। मरीज को राकेश नजर नहीं आए तो उसने डोरबेल बजाई। ईशु नीचे आया। उसने क्लीनिक के अंदर जाकर देखा तो उसे भी पिता नहीं दिखे।
ईशु के मुताबिक, वह क्लीनिक में पीछे की ओर बने कमरे में गया तो छत के पंखे पर उसके पिता का शव लटका था। रस्सी से फंदा लगाया हुआ था। चीख पुक ार सुनकर आसपास के लोग आ गए। तीन घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
परिजन पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे। परिजनों का कहना है कि राकेश ने पारिवारिक कलह से परेशान होकर आत्महत्या की है।
जांच अधिकारी एसआई प्रताप सिंह सोलंकी ने बताया कि आत्महत्या की वजह पारिवारिक कलह है, पत्नी से उसका किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था।