दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में तैनात रहे एसीपी अमित सिंह की अस्थियां लेकर हरिद्वार जा रहे परिजनों को मोदीनगर में उनकी पत्नी की भी मौत की सूचना मिली। इसके बाद परिजन यहीं से वापस लौट गए।
एसीपी की पत्नी डॉ. सरिता का यथार्थ अस्पताल में इलाज चल रहा था। बुधवार दोपहर 12 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने सेक्टर-94 स्थित श्मशान घाट पर शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
सोमवार रात करीब 9:55 मिनट पर एसीपी अमित सिंह ने अपनी सर्विस पिस्टल से गोली मार कर खुदकुशी करने की घटना देखने के बाद पत्नी डॉ. सरिता ने आपा खो दिया था।
सरिता ने पहले चाकू से अपने ऊपर वार कर खुदकुशी का प्रयास किया, फिर सेक्टर-110 स्थित लोटस बॉउलवर्ड सोसाइटी स्थित अपने फ्लैट संख्या 403 से छलांग लगा दी।
सरिता को सेक्टर-110 स्थित यथार्थ अस्पताल में इलाज के लिए रात 10:25 मिनट पर भर्ती कराया गया था। यथार्थ अस्पताल के अनुसार भर्ती के दौरान उनकी हालत काफी नाजुक थी।
उसे बचाने का काफी प्रयास किया गया, मगर हालत स्थिर नहीं हो सकी। पांच डॉक्टरों की टीम ने मंगलवार रात को उनकी कई सर्जरी की थी।
काफी प्रयासों के बावजूद सरिता को बचाया नहीं जा सका गया। डॉक्टरों के मुताबिक चौथे माले से कूदने पर सरिता का मल्टी आर्गन फेल्योर हो गया।
अस्थियां लेकर मोदीनगर से ही लौटे बदहवास परिजन
मोदीनगर। दिल्ली के एसीपी बेटे की अस्थियां लेकर हरिद्वार जा रहे पिता पुत्रवधू की मौत की खबर परिजनों को मोदीनगर में मिली। इससे वे बदहवास हो गए और लौट गए।
अमित सिंह के अंतिम संस्कार के बाद उनके पिता और बडे़ भाई परिजनों के साथ अस्थियां विसर्जित करने बुधवार को हरिद्वार जा रहे थे। दोपहर करीब 12 बजे मोदीनगर कादराबाद में जैन शिकंजी के पास वे अन्य कारों का इंतजार करने को रुके।
इसी बीच अमित सिंह के पिता को फोन पर सूचना मिली कि डॉ.सरिता ने भी दम तोड़ दिया है। खबर सुनकर परिजन बदहवास हो गए।
जैन शिकंजी के मालिक सतीश जैन ने बताया कि उसके बाद अमित सिंह के परिजन हरिद्वार जाने के बजाय यहीं से नोएडा लौट गए।
काव्या को अस्पताल लाया गया
18 माह की बच्ची के सिर पर से बुधवार को मां का साया भी उठ गया। परिजन काव्या को अस्पताल लाए थे। फिलहाल काव्या अब किसके साथ रहेगी यह तय नहीं है। हालांकि उसके मामा कुलदीप ने अपने पास रखा था।
नहीं खुल सका फ्लैट
बुधवार को नोएडा पुलिस एसीपी अमित सिंह का फ्लैट खोलने वाली थी। मगर सरिता की मौत के बाद नोएडा पुलिस को फ्लैट खोल कर जांच करने के का मौका नहीं मिल सका। मालूम हो कि सोमवार को मौत के बाद फ्लैट को सील कर दिया गया था।
35 यूनिट खून चढ़ाया गया
यथार्थ अस्पताल के अनुसार बालकनी से छलांग लगाने की वजह से डॉ. सरिता का काफी खून बह गया था। खून की कमी होने की वजह से मंगलवार देर रात तक उन्हें 35 यूनिट खून चढ़ाया गया।
मंगलवार दोपहर में थोड़ी देर के लिए सरिता को होश आया था। मगर वह कुछ बोल नहीं पा रही थी। सरिता ने एक दो बार अपना हाथ हिलाया था, मगर वह कुछ बोलने की स्थिति में नहीं थीं। भर्ती होने के बाद से सरिता को वेंटिलेटर पर रखा गया था।