सेक्टर-5 के पार्क में क्रिकेट खेल रहे नौंवी कक्षा के छात्र ने बल्लेबाजी कर रहे छात्र को बोल्ड कर लिया, जिससे गुस्साए बल्लेबाज ने बैट से उसका सिर फोड़ दिया।
पीड़ित छात्र की खोपड़ी में माथे की तरफ फ्रैक्चर हो गया, जिस कारण डॉक्टर को आठ टांके लगाने पड़े। मां के साथ बुधवार को थाना इंदिरापुरम पहुंचे पीड़ित छात्र ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दी है।
वैशाली सेक्टर-5 स्थित सहयोग लेन निवासी पिंकी यहां बेटे रोहित(14) के साथ रहती हैं। पिंकी ने बताया कि 16 जून को उनका बेटा रोहित सेक्टर-5 के पार्क में क्रिकेट खेल रहा था।
रोहित ने कालोनी में ही रहने वाले एक छात्र को बोल्ड कर दिया था। मगर बल्लेबाज खुद को नॉटआउट बताते हुए रोहित से झगड़ने लगा। इस दौरान बल्लेबाज ने रोहित के सिर में बैट मार दिया।
रोहित के सिर से खून बहता देख आरोपी वहां से भाग निकला। आसपास के लोगों ने रोहित की मां को मामले की सूचना दी, जिसके बाद वह उसे निजी अस्पताल ले गईं। डॉक्टरों ने रोहित के सिर में आठ टांके लगाए हैं।
सिटी स्कैन में पता चला कि रोहित की खोपड़ी में माथे की तरफ फ्रैक्चर है। बुधवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पिंकी और रोहित थाना इंदिरापुरम पहुंचे और आरोपी के खिलाफ शिकायत दी। एसएचओ इंदिरापुरम गोरखनाथ यादव ने बताया कि जल्द ही जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों को नहीं होता गलती का अहसास
मनोचिकित्सक डॉ. रश्मि जोशी ने बताया कि भागदौड़ भरी जिंदगी में अभिभावकों के पास बच्चों के लिए समय ही नहीं है। ऐसे में बच्चों को अपनी गलती का अहसास ही नहीं होता।
इस स्थिति में अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों की दिनचर्या के बारे में उनसे बातचीत करें और उनकी गलती का अहसास कराएं।