शहर में कार से कीमती सामान व नकदी आदि चोरी की दो दर्जन से ज्यादा वारदात कर चुके ठकठक गिरोह के दो शातिर बदमाशों को थाना सेक्टर-58 पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन पर पांच-पांच हजार रुपये का ईनाम था। इनके पांच साथियों की अब भी तलाश है।
पुलिस को गिरफ्तार आरोपियों के पास से चोरी की एक कार, दो बाइक, कार का शीशा तोड़ने के लिए छोटी गुलेल व लोहे के छर्रे, मिर्च स्प्रे, दो तमंचे, चार लैपटॉप और 15 हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मदनगीर दिल्ली निवासी संजय उर्फ विशाल (27) और विनेश (19) केरूप में हुई है। संजय मूल रूप से तमिलनाडु और विनेश आंध्र प्रदेश का रहने वाला है।
इनके फरार साथियों के नाम विशाल, डेबिड, दीपक, इंद्रजीत व पवन के रूप में हुई है। विशाल, डेबिड और दीपक सगे भाई हैं। ये सभी मूलरूप से तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक केरहने वाले हैं और कई वर्षों से दिल्ली के मदनगीर क्षेत्र में रहते हैं।
इंद्रजीत गिरोह का सरगना है। वही चोरी के सामान को बेचने और किसी सदस्य के पकड़ने जाने पर उसकेलिए वकील का इंतजाम करता है। एसपी सिटी अरूण कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि मदनगीर क्षेत्र में उनके जैसे 100 से ज्यादा युवाओं का समूह है, जो पूरे एनसीआर क्षेत्र में इस तरह की वारदात कर रहा है।
ये सभी दक्षिण भारतीय हैं। ये लोग दो बाइक पर चार-पांच के ग्रुप में अलग-अलग वारदात करने के लिए निकलते हैं। कोड वर्ड में ये लोग अपने समूह को डेरा कहते हैं। पकड़े गए गिरोह ने अकेले एनसीआर क्षेत्र में 200 से ज्यादा वारदात की हैं।
ये लोग इतनी घटनाएं कर चुके हैं कि इन्हें खुद याद नहीं है। ये लोग चोरी का सामान दक्षिण भारत में ले जाकर बेचते हैं। कुछ सामान दिल्ली के स्थानीय बाजार में बेच दिया जाता है।
गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर लेकर और सामान बरामद करने तथा गिरोह के अन्य सदस्यों को गिरफ्तार कराने का प्रयास किया जाएगा। मामले में दिल्ली पुलिस को भी उनके यहां बड़े समूह में रह रहे इस गिरोह की जानकारी दी जाएगी।