नरेला इलाके में टैंपो सहित चालक को अगवा कर लाखों का सामान लूटकर बदमाश फरार हो गए। बदमाशों ने पीड़ित को करीब डेढ़ घंटे तक घुमाने के बाद उसे अलीपुर इलाके के एक सुनसान जगह पर छोड़ दिया। पीड़ित की चीख-पुकार सुनकर राहगीरों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पीड़ित के बयान पर पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार मूलरूप से गांव शीला पौड़ी, उत्तराखंड निवासी हर्ष मोहन सपरिवार नरेला इलाके में रहता है। वह पेशे से चालक है। उसने अपनी टैंपो को भोरगढ़ स्थित आईटीसी कंपनी में किराये पर लगा रखा है। वह भोरगढ़ स्थित गोदाम से सामान लादकर पूरी दिल्ली में सप्लाई करता है।
24 सितंबर की रात वह गोदाम से लाखों का सामान लादकर सेक्टर सात रोहिणी के लिए रवाना हुआ। सेक्टर-9 रोहिणी के पास दो युवक अचानक उसके टैंपो के आगे आ गए, जिसकी वजह से उसे टैंपो रोकना पड़ा।
दोनों ने धक्का देकर उसे ड्राइविंग सीट से हटा दिया और एक युवक ड्राइविंग सीट पर बैठ गया। युवकों के दो अन्य सहयोगी भी आ गए। चारों ने हर्ष मोहन की पिटाई कर, उसे केबिन में ही नीचे दबा दिया और उसकी आंखों में पट्टी बांध दी। कुछ दूर जाने के बाद बदमाशों ने टैंपो में लदी सिगरेट और सौंदर्य प्रसाधन के सारे सामान अपने वाहन में लाद लिए।
इसके बाद हर्ष मोहन का हाथ-पैर बांधकर उसे टैंपो के पिछले हिस्से में डाल दिया। करीब डेढ़ घंटे तक घुमाने के बाद पीड़ित को अलीपुर स्थित पालम ग्रीन फार्म के पास टैंपो में छोड़कर बदमाश फरार हो गए। बदमाशों के जाने का एहसास होने के बाद हर्ष मोहन शोर मचाने लगा। शोर सुनकर राहगीरों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी।