राजस्थान की एक फाइनेंस कंपनी गाजियाबाद के सैकड़ों निवेशकों के कई करोड़ रुपये लेकर भाग गई है। कंपनी की शाखा आरडीसी में थी, जिसे बंद कर दिया गया है। कर्मचारियों की भी तनख्वाह नहीं दी गई है। कर्मचारियों ने ही शुक्रवार को कविनगर थाने में तहरीर दी है।
कविनगर थाने में दी गई तहरीर में कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि इस निजी फाइनेंस कंपनी का मुख्यालय राजस्थान में है। इसका रीजनल कार्यालय आरडीसी में था। ये कंपनी वित्तीय संस्था थी, जो एफडी, आरडी आदि में जनता का निवेश कराती थी।
बेहतर रिटर्न का वादा करती थी। कर्मचारी होने के नाते उन्होंने लोगों से धन निवेश कराया था। लेकिन कंपनी अचानक अपना कार्यालय बंद कर चली गई है। न तो निवेशकों को पैसा मिला है और न उन्हें सैलरी।
अब निवेशक उनसे पैसे मांग रहे हैं। अधिकारियों से बात करने पर वे झूठे आश्वासन दे रहे हैं। आरडीसी शाखा में लोगों ने एक जनवरी 2013 से अक्तूबर 2013 तक करीब एक करोड़ रुपये निवेश किया था।
कर्मचारियों ने बताया कि कंपनी की रीजनल कार्यालय गाजियाबाद के अलावा नोएडा, बरेली, सहारनपुर में भी थे, जो बंद कर दिए गए हैं।
एसएचओ कविनगर अवनीश गौतम ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच कर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
इस संबंध में कंपनी के अधिकारी से फोन पर बात की गई तो उनका कहना था कि वह तो कंपनी में कर्मचारी है। कंपनी के मालिक राजस्थान जेल में बंद हैं। इस घोटाले का खुलासा बरेली में हुआ था।