सीमापुरी इलाके में सरकारी नौकरी दिलवाने के नाम पर 30 लाख से अधिक की ठगी करने वाली 62 वर्षीय महिला ठग को उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस ने दबोचा है। आरोपी की पहचान देबोश्री चक्रवर्ती (62) के रूप में हुई है।
देबोश्री ने अपने साथियों के साथ मिल वर्ष 2014 में ठगी की थी। तभी से वह राजेंद्र नगर, साहिबाबाद में छुपकर रह रही थी। कोर्ट ने देबोश्री व उसके साथी को भगोड़ा घोषित किया हुआ था। दिल्ली पुलिस आयुक्त ने उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त डॉ. अजीत कुमार सिंगला ने बताया कि सितंबर 2014 में प्रकाश चंद शर्मा नामक शख्स ने सीमापुरी थाने में 30.2 लाख रुपये ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। प्रकाश का कहना था कि उनके बेटे आशुतोष को सरकारी नौकरी दिलवाने के नाम पर शशांक भादरा, देबोश्री चक्रवर्ती और एमएन चौधरी उर्फ मुईनुद्दीन उर्फ एमएम खान ने 30.2 लाख रुपये ठग लिये थे।
न तो इन लोगों ने बेटे को नौकरी दिलवाई और न ही रुपये वापस किए। मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। इधर, सभी आरोपियों ने अपने पते और फोन नंबर बदल दिए थे। सुनवाई के दौरान 25 नवंबर 2016 को कोर्ट ने देबोशीष और एमएन चौधरी को भगोड़ा घोषित कर दिया। वहीं पुलिस आयुक्त ने दोनों की गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया।
आरोपियों की तलाश जारी थी। इस बीच शुक्रवार को पुलिस को सूचना मिली कि देबोश्री साहिबाबाद इलाके में डीएवी पब्लिक स्कूल के आसपास छुपकर रह रही है। पुलिस ने छानबीन के बाद शुक्रवार को ही देबोश्री को दबोच लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध कबूल लिया। पुलिस ने देबोश्री को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश कर रही है।